Tech GURU ka Gyan

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गुरुवार, 21 सितंबर 2017

Chrome Web Store kya hota hai, aur isse kya fayda hai?

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दोस्तों आप सभी डेस्कटॉप और लैपटॉप का इस्तेमाल जरुर करते होंगे और इन्टरनेट सर्फिंग के लिए google chrome  का इस्तेमाल जरुर करते होंगे, लेकिन क्या आप जानते है की यह एक पूरा सिस्टम की तरह से है, और इस पर सर्फिंग के अलावा भी बहुत से काम को कर सकते है. इसके द्वारा आप हर हो काम कर सकते है जो आप अपने लैपटॉप या डेस्कटॉप करते है. जिस तरह से आप अपने कंप्यूटर में software इंस्टाल करते है ठीक उसी तरह से इसमे आप को chrome के कुछ extension डाउनलोड करना पड़ता है. सबसे पहले हम यह जान लेते है की chrome extension क्या है ?  फिर जानेंगे की Chrome Web Store kya hai?
Chrome Web Store par बहुत से ऐसे सॉफ्टवेयर मौजूद है जो आप को कंप्यूटर के लिए शायद ही मिले.
  • क्या आपके स्मार्ट फ़ोन में वेर्चुअल रियलिटी है 
  • क्या आप जानते है की satellite टीवी क्या होता है 
  • Chrome Extension kya hai?

    दरअसल chrome extension वह छोटे-छोटे अप्प होते है, जो क्रोम में डाउनलोड करके इनस्टॉल किया जाता है. और उन पर काम किया जाता है. इन अप्प को ही extension के नाम से जाना जाता है. इन्हें web एप्लीकेशन भी कह सकते है.
    web store से जब किसी आप को google chrome में add करते है तो वह अप्प या extension इनेबल हो जाता है. और google chrome browser में उनका इस्तेमाल कर सकते है.

    Chrome Web Store kya hai?

    जिस तरह से एंड्राइड के लिए सॉफ्टवेयर गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध होते है, और iPhone के लिए software एप्पल स्टोर परे होते है ठीक उसी प्रकार chrome web store पर chrome के लिए app मौजूद होते है.यह क्रोम के लिए एक app मार्किट है.जहा से आप अपनी जरुरत के मुताविक के अप्प डाउनलोड कर सकते है.
    Google Chrome Web Store पर सॉफ्टवेयर के 12 केटेगरी मौजूद है. इन सभी केटेगरी में लगभग 300 मिलियन अप्प मौजूद है. जैसे
    Developer tools- यहाँ पर आपको वेब एप्लीकेशन डेवलपमेंट से सम्बंधित टूल आपको मिल जायेंगे.
    Fun and photo - यहाँ प[आर आपको फोटो एडिटिंग से सम्बंधित अप्प मिल जायंगे और इसके साथ ही आपको गेम्स के भी आप मिल जायेंगे.
    Shopping- online shopping, या e-commerce से जुडी हुई सभी टूल आपको उस केटेगरी में मिल जाएगी.
    Social & communication जितने भी सोशल नेटवर्किंग से जुडी हुई टूल है या कम्युनिकेशन से जुडी हुई टूल है वो सभी आपको इस केटेगरी में मिल जाएगी.
    Blogging - इस केटेगरी में आपको ब्लॉग्गिंग से जुडी हुई हर प्रकार की सॉफ्टवेयर और टूल मिल सकते है.

    Chrome Web Store se kisi Application ko kaise istemaal kar?

    यदि आप किसी एप्लीकेशन को इस्तेमाल करना चाहते है तो आप निचे बताये गए स्टेप को फॉलो करके उसे इस्तेमाल कर सकते है.

    1. सबसे पहले आप http://chrome.google.com/webstore को ओपन करें.
    2. अब आपको जिस अप्प की जरुरत हो उसे सर्च बार में सर्च करें.
    3. इसके बाद आप आप अपने अप्प पर क्लिक लरके उसे ओपन करें.
    4. अब आप को add to chrome बटन दिखाई देगा आप उस पर क्लिक करें.
    5. अब एक पॉप अप बॉक्स ओपन होगा, और इसमे दिखाई दे रहे add extension बटन पर क्लिक करें.
    6. कुछ समय के पश्चात वह अप्प आपके google chrome browser में ऐड हो जायेगा.
    7. अब इन अप्प को इस्तेमाल करने के लिए आप google chrome जब ओपन करते है तो बाये साइड में Apps नाम से एक बटन दिखाई देता है आप उस पर क्लिक करके उस अप्प का इस्तेमाल कर सकते है.
    8. यदि आप ने कोई एक्सटेंशन डाउनलोड किया है तो आप उसे address bar  के दायें तरफ देख सकते है और उसका इस्तेमाल कर सकते है.

    google chrome me extension ya app install karane se kya fayda hai?

    यदि आप आप ने अपने ऑफिस के अपने कंप्यूटर में google docs अप्प को अपने ईमेल xyz@gmail.com  से लॉग इन करके इंस्टाल किया है तो और उस पर कोई फाइल बनाइ है तो उसे आप अपने किसी भी कंप्यूटर के google chrome browser में अपने इसी ईमेल से लॉग इन करके उस फाइल को देख सकते है या एडिट कर सकते है.
    यदि आप अपने ऑफिस के कंप्यूटर के google chrome browser में xyz@gmail.com से लॉग इन है तो अब आपको अपने घर के कंप्यूटर में फिर से उस अप्प को इनस्टॉल करने की जरुरत नहीं है, केवल आप उसी ईमेल से लोग इन करके आप उस अप्प को दुनिया के किसी भी कंप्यूटर में इस्तेमाल कर सकते है.
  • क्या आपके स्मार्ट फ़ोन में वेर्चुअल रियलिटी है 
  • क्या आप जानते है की satellite टीवी क्या होता है 
  • Conclusion

    बहुत बार ऐसा होता है की किसी छोटे से काम के लिए भी हमें बड़े सॉफ्टवेर को डाउनलोड करना होता पड़ता है लेकिन यदि हम chrome browser का इस्तेमाल कर रहे है. तो Chrome Web Store से अप्प को डाउनलोड करके हम अपने किसी भी काम को बड़ी ही आसानी से कर सकते है . और सबसे बड़ी बात यह है की हर कंप्यूटर के लिए हमें अलग अलग सॉफ्टवेर इनस्टॉल करने की जरुरत नहीं होती है.
    मुझे उम्मीद है की आप यह जान गए होने की Chrome Web Store kya hota hai, aur isse kya fayda hai?  कमेंट बॉक्स के जरिये हमें जरुर बताइयेगा की यह पोस्ट कैसे लगा.
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    सोमवार, 18 सितंबर 2017

    18:9 Mobile Screen aspect ratio kya hota hai?

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    दोस्तो क्या आप जानते है कि आपके फ़ोन के स्क्रीन की aspect ratio kya hai? आज कल आप mobile screen aspect ratio के बारे में जरूर सुन रहे होंगे, youtube पर भी आज काल इसी के बारे में बात हो रही है, की किस फ़ोन का क्या mobile screen aspect ratio है. लेकिन क्या आप जानते है कि यह 16:9 and 18:9 mobile screen aspect ratio क्या होता है. आज आप लोगो बताएँगे की यह mobile screen aspect ratio kya hota hai, aur isse kya fayda hai? 


  • क्या आपके स्मार्ट फ़ोन में वेर्चुअल रियलिटी है 
  • क्या आप जानते है की satellite टीवी क्या होता है 

  • Aspect ratio kya hai?

    Aspect  ratio किसी भी इमेजेज के हाइट और विड्थ के अनुपात को दरसाता है जैसे कि किसी इमेज की हाइट 100 पिक्सेल और विड्थ 100 पिक्सेल है तो उसका aspect ratio 1:1 होगा और वह इमेज वर्गाकार होगा. क्योकि इसकी हाइट और विड्थ समान है. इसी प्रकार यदि किसी इमेज की हाइट 200 पिक्सेल और विड्थ 100 पिक्सेल है तो उसका aspect ratio 2:1 होगा.
    सामान्यतः हम जो भी फ़ोन इस्तेमाल कर रहे है उन सभी के screen का aspect ratio 16:9 ही होता है. भले ही उस फ़ोन की रेसोलुशन 1280x720, 1600x900, 1920x1080 हो.
    इसी प्रकार से यदि यह aspect ratio इंच में हो तो भी ratio इसी प्रकार निकाला जाता है.


    18:9 Mobile Screen aspect ratio kya hai?

    यदि मोबाइल की स्क्रीन की विड्थ 1800 पिक्सेल और हाइट 900 पिक्सेल है तो उस मोबाइल ka mobile screen aspect ratio 18:9 होगा. लेकिन यदि ध्यान दे तो जिसे सभी लोग 18:9 aspect ratio कह रहे है वह वास्तव में 2:1 है.  इसी प्रकार यदि किसी मोबाइल का स्क्रीन की विड्थ 900 पिक्सेल और हाइट 450 पिक्सेल है तो भी वह 18:9 aspect ratio है.
    कुल मिलाकर सिर्फ आपको यह समझना है कि जिस किसी फ़ोन का विड्थ उसके हाइट से दुगुना है तो वह 18:9 के ratio को aspect करता है.
    लगभग सभी मोबाइल कंपनी यह कोशिश कर रही है कि वह अपने इस mobile screen aspect ratio के हिसाब से ही अपने मोबाइल के स्क्रीन को रखे लेकिन वे ऐसा नही कर पा रही है.
    भारत मे कुछ ही ऐसे फ़ोन है जो 18:9 mobile screen aspect ratio के हिसाब से अपने फ़ोन का स्क्रीन बना रही है. जैसे
    • Samsung Galaxy 8 / 8+ 
    • LG  Q6 Series 
    • Honor 8 Pro 
    • Xiaomi mi Max 2 
    • Micromax canvas Infinity 

    18:9 Screen Size/ Display se fayda kya hai?

    जिस फ़ोन का display 18:9 का होता है उस फ़ोन में आपको wide screen साइज मिलता है. जो कि किसी भी बेजेल लेस स्क्रीन के तरह होता है.
    जितने भी फ़ोन 18:9 डिस्प्ले साइज के साथ लांच हुए है वो सभी मे हाई रेसोलुशन का स्क्रीन होता है. अर्थात वे हाई रेसोलुशन को सपोर्ट करते है.

    Normal screen Size aur 18:9 Mobile Screen Aspect ratio me kya antar hai?

    नार्मल साइज के मोबाइल स्क्रीन और 18:9 मोबाइल स्क्रीन आस्पेक्ट रेशियो में मात्र स्क्रीन साइज का अंतर है.
    चुकी नार्मल फ़ोन में विड्थ हाइट की दुगुनी नही होती है , जबकी 18:9 Mobile Screen Aspect ratio वाले फ़ोन में विड्थ हाइट की दुगुनी होती है.
    18:9 aspect ratio वाले फ़ोन में फ़ोन की स्क्रीन तो बड़ी होती है लेकिन उसकी विड्थ नही बढती है जिससे फ़ोन को होल्ड करने में आसानी होती है.

    Conclusion

    अब आप अच्छी तरह से समझ गए होंगे कि mobile screen aspect ratio kya hota hai ? मोबाइल कंपनी अपने फ़ोन के स्क्रीन को 16:9 से एक्सटेंड करके 18:9 इसीलिए कर रही है कि यूजर अब फ़ोन की स्क्रीन को और बढ़ा चाहता है और 16:9 के aspect ratio में यदि फ़ोन की स्क्रीन बड़ाई जाएगी तो उसकी हाइट भी बढ़ जाएगी, जिससे फ़ोन को होल्ड करने में कठिनाई होगी. इसीलिए फ़ोन कंपनी अब फ़ोन के स्क्रीन हो 16:9 से 18:9 कर रही है.
    मुझे उम्मीद है कि आज का यह पोस्ट आप लोगो को जरूर पसंद आया होगा. यदि आपके पास हमारे लिए कोई सुझाव या शिकायत हो तो आप कमेंट बॉक्स के जरिये हमे जरूर बताएं.इसे आप अपने मित्रो के साथ जरुर शेयर करें.
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    शनिवार, 16 सितंबर 2017

    YouTube ka Itihas or History Kya hai?

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    दोस्तों youtube का नाम तो आप लोग सुने ही होंगे, और आप सभी लोग उस पर विडियो भी देखते होंगे कुछ लोग का उस पर चैनल भी होगा, और वे लोग उस पर विडियो भी अपलोड करते होंगे. लेकिन क्या आप जानते है की इस youtube विडियो शेयरिंग साईट को किसने बनाया. और कब बनाया यदि जानते है तो ठीक है लेकिन यदि नहीं जानते है तो आप एक दम सही जगह पर है, आज हम आप लोगो को YouTube ka Itihas or History Kya hai? बताने वाले है. और youtebe कंपनी के कुछ ऐसे तथ्य भी बताएँगे जो आप शायद ही जानते होंगे.
    क्या आप जानते है की smart phone हमे हानि पहुचता है?
    क्या आप जानते है की master cardक्या है?

    YouTube ka Itihas or History

    यह अमेरिका की एक विडियो शेयरिंग वेबसाइट है जिस पर कोई भी ब्यक्ति अपने विडियो को अपलोड कर सकता है और उसे पब्लिक में शेयर कर सकता है. इस वेबसाइट पर अपलोड विडियो पर आप रेटिंग कर सकते है और कमेंट भी कर सकते है.
    फ़रवरी 2005 में paypal के तीन कर्मचारी Chad Hurley, Steve Chen,और Jawed Karim इस कंपनी को बनाई . लेकिन नवम्बर 2006 में google ने इसे 1.65 अरब अमेरिकी डॉलर में खरीद लिया. और अब यह इस रूप में आपके सामने है.

    youtube के सह संस्थापक ने 2004 में आई हुई सुनामी का विडियो क्लिप उन्हें ऑनलाइन नहीं मिला तो वे एक विडियो शेयरिंग वेबसाइट बनाने की सोचे, लेकिन हर्ले और चेन ने कहा की youtube का विचार उन्हें एक ऑनलाइन डेटिंग सर्विस का एक विडियो एडिशन था. और hot and not वेबसाइट से प्रभावित था.

    Some fact About YouTube[Hindi]

    • Google और facebook के बाद youtube वर्ल्ड की सबसे बड़ी वेबसाइट है. और यह google के बाद विश्व की दूसरी बड़ी सर्च इंजन है.
    • Youtube पर हर मिनट 400 घंटे की विडियो अपलोड की जाती है.
    • इस वेबसाइट पर प्रतिदीन 1.3 अरब लोग हर रोज विडियो देखा करते है.
    • Youtube पर प्रतिदिन पाच अरब विडियो देखे जाते है.
    • Youtube पर अपलोड किया गया सबसे पहला विडियो me at the zoo है. जिसमें  इसके सह संस्थापक जावेद करीम सन डिएगो के चिड़ियाघर में दिखाए गए है. यह विडियो 23 अप्रैल 2005 को अपलोड हुआ था.
    • इस वेबसाइट पर हर महीने 90 करोड़ और हर रोज 3 करोड़ यूनिक विजिटर विडियो देखते है.
    • विश्व की सबसे बड़ी विडियो शेयरिंग वेबसाइट पर 38 प्रतिशत फीमेल यूजर है, बाकि के 62 प्रतिशत मेल यूजर है.
    • इस Youtube वेबसाइट पर लोग औसतन 40 मिनट बिताते है.
    • Youtube पर सबसे बढ़ा चैनल pewDiePie है जिसके 55400000 सब्सक्राइबर हैं.
    • भारत का सबसे बढ़ा चैनल Tseries है जिससे 24465720 सब्सक्राइबर है.
    • Youtube पर PSY GANGNAM STYLE विडियो को सबसे अधिक बार लगभग 2.86 अरब बार देखा जा चूका है.
    • Youtube 89 देशो में और 76 भाषाओ में उपलब्ध है.
    •  साल 2015 में इसकी कमाई 8.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर था जो साल 2020 तक बढ़ कर 27.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो जायेगा.
    • Youtube वेबसाइट का डोमेन 14 फरवरी 2005 को एक्टिव हो गया था लेकिन वेबसाइट को बाद के माहि में डेवेलोप किया गया था.

  • क्या आपके स्मार्ट फ़ोन में वेर्चुअल रियलिटी है 
  • क्या आप जानते है की satellite टीवी क्या होता है 

  • Conclusion

    youtube दुनिया की सबसे बड़ी विडियो  शेयरिंग वेबसाइट है, और इसका सिर्फ एक ही प्रतिद्वान्धी dailymotion ही था. मैंने था इसलिए लिखा है क्यों की यह अब उसको काफी पीछे छोड़ चूका है.यह बहुत बढ़ा पोस्ट नहीं है लेकिन हमने यह कोशिश की है की इसमे Youtube से जुडी सारी जानकारी दे. हो सकता है की कुछ फैक्ट हमसे छुट गए हो. लेकिन उम्मीद करता हूँ की यह पोस्ट YouTube ka Itihas or History Kya hai?  आप लोगो को जरुर पसंद आया होगा. यदि इस पोस्ट के जुडी कोई शिकय या सुझाव हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स के जरिये जरुर बताये हमें ख़ुशी होगी.
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    शुक्रवार, 15 सितंबर 2017

    Xafecopy Money Malware Kya Hai, aur isse kaise bache?

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    दोस्तों क्या आप e-wallet, UPI जैसे सर्विस का इस्तेमाल करते है? यदि आपका जवाव हाँ है तो अब आप को सावधान रहने की जरुरत है. क्योकि, kaspersky lab ने इसी महीने सितम्बर में 2017 में ही एक ऐसे Android malware को detect किया है जो किसी के भी मोबाइल से पैसे चुरा लेता है. और सबसे बुरी बात यह है की इसका इफेक्ट भारत में सबसे ज्यादा है. यह ransomeware virus से भी खतरनाक है. यदि आप अपने फ़ोन को इससे सुरक्षित नहीं रहते है तो यह धीरे धीरे आपके bank account का सारा बैलेंस साफ़ कर देगा और आप लोगो को पता भी नहीं चलेगा. आज हम आप लोगो को बताने वाले है की Xafecopy Money Malware Kya Hai, isse kaise bache? या फ़ोन से पैसे चुराने वाला वायरस क्या है.

  • क्या आपके स्मार्ट फ़ोन में वेर्चुअल रियलिटी है 
  • क्या आप जानते है की satellite टीवी क्या होता है 

  • Xafecopy Trojan Kya Hota Hai?

    यह एक trojan software या malware है.जिसे kaspersky lab ने september 2017 को डिटेक्ट किया है. इसका मेन  टारगेट android operating system है और इसने एक महीने के अंदर है लगभग 4800 फ़ोन को इफ़ेक्ट कर दिया है. इसका एक दूसरा नाम भी है money malware क्योकि यह फ़ोन की  e-waalet, netbanking, को प्रभावित करता है और इनकी सारी सूचना अपने होस्ट को भेज देता है.

    Ise Money malware Kyo kahte hai?

    चुकी यह एंड्राइड मोबाइल से इ-वॉलेट, इन्टरनेट बैंकिंग, या UPI के अप्प से सारी सूचना को चुरा कर यह अपने होस्ट को भेज देता है, जिससे इसका होस्ट आपके बैंक से पैसे को बड़ी ही आसानी से निकल सकता है. इसिलिए इसे Money malware भी कहा जाता है. यह captcha codeको बाईपास भी कर लेता है. यह captch code के नंबर और वर्ड को अपने अनुसार बदल भी सकता है.

    Xafecopy Trojan malware Kaam Kaise karta hai?

    सभी तरह के trojan या malware का एक ही काम होता है की यूजर  की सारी सूचना को अपने होस्ट सर्वर तक पहुचना वो भी बिना यूजर को पता चले. Xafecopy Money malware जिस भी एंड्राइड फ़ोन में इनस्टॉल हो गया यह उस  यूजर के wap billing information को एक्सेस करता है और उसे अपने होस्ट सर्वर तक पंहुचा देता है. लेकिन यह केवल mobile data connection पर ही काम करता है. क्योकि Wap service मोबाइल कनेक्शन पर ही इनेबल होते है.

    Xafecopy Trojan Malware/ Money malware se kaise bache?

    Kaspersky Lab के अनुसार Xafecopy Money Malware को अभी कोई एंटीवायरस सॉफ्टवेयर डिटेक्ट नहीं कर पा रहे है लेकिन कुछ टिप्स को अपना कर आप अपने मोबाइल को सिक्योर कर सकते है. इन टिप्स को अपना कर आप Xafecopy Money Malware से बच  सकते है.
    • यह Malware Mobile Internet Connection पर काम करता है,अगर  ऐसे में आपके पास Wifi Network हो तो उसका इस्तेमाल करे या फिर Mobile Internet का use तभी करे जब आपको कोई बहुत जरुरी काम हो.
    • Internet Banking का इस्तेमाल Mobile पर कम से कम करे. यदि बहुत जरुरी न हो तो मोबाइल में नेट बैंकिंग का इस्तेमाल न करें.
    • अगर आपको ऐसा शक हो रहा है, की आपके Mobile में Xafecopy malware आ गया है. तो आप  Phone को Reset कर दे. 
    • अपने फ़ोन के सभी डाटा का बैकअप समय समय पर लेते रहे ताकि कभी फ़ोन को hard reset करना पड़े तो भी डाटा का बचुप मिल जाये.
    • कभी भी untrusted वेबसाइट से कोई भी अप्प अपने फ़ोन में डाउनलोड न करें. किसी भी अप्प को इनस्टॉल करने के लिए आप google play store का ही इस्तेमाल करें. यह xafecopy malware untrusted वेबसाइट से अप्प डाउनलोड करने पर ही मोबाइल में आ रहा है.
    • इससे बचने के लिए कोई एंटीवायरस नहीं है, इसलिए आपको ही सावधानियां बरतनी होगी.
    • यह malware सिर्फ एंड्राइड मोबाइल फ़ोन पर ही अपना प्रभाव दिखा रहा है. iPhone और blackberry पर अभी इसका प्रभाव नहीं है. इसीलिए एंड्राइड फ़ोन यूजर को विशेष सावधानी बरतनी होगी.

    Conclusion

    Xafecopy Money Malware एक ऐसा वायरस है जिसे अभी कोई एंटीवायरस भी डिटेक्ट नहीं कर पा रहा है, लेकिन कुछ सावधानियों के द्वारा आप इससे बच सकते है.यहाँ पर यही हाल है की सावधानी हटी दुर्घटना घटी. तो आप लोग सावधान रहिये और अपने फ़ोन को सुरक्षित रखिये. अब तो आप लोग जान ही गए होंगे की फ़ोन से पैसे चुराने वाला वायरस क्या है.
    हमें उम्मीद है की आज का यह पोस्ट Xafecopy Money Malware Kya Hai, aur isse kaise bache? आप लोगो को जरुर पसंद आया होगा.इसे आप अपने मिरतो के साथ सोशल मीडिया पर जरुर शेयर करे ताकि वो लोग भी इस वायरस से बच सके. यदि इससे सम्बंधित कोई सवाल हो तो आप कमेंट बॉक्स के जरियेमसे पूछ सकते है.
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    गुरुवार, 14 सितंबर 2017

    Famous Search engine aur Inka Itihas kya hai?

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    दोस्तों पिछले पोस्ट में मैंने आप लोगो को बताया था की search engine kya hota hai? और आज मैं आप लोगो को बताऊंगा की दुनिया के कुछ Famous Search engine aur Inka Itihas के बारे में क्योकि विश्व में  एक गूगल ही search engine नहीं है. और भी बहुत से सर्च इंजन है, लेकिन सबसे famous search engine गूगल ही है.
    चुकी शुरुवात के सभी search engine एक file transfer protocol का कलेक्शन होता था और इनका मुख्य काम एक दुसरे से जुड़े सर्वर से डाटा को ढूढ़ना और उन्हें एक लिस्ट में शो करना होता था. 


  • क्या आपके स्मार्ट फ़ोन में वेर्चुअल रियलिटी है 
  • क्या आप जानते है की satellite टीवी क्या होता है 

  • Search Engine ka Itihas kya hai?


    search engine से पहले सभी  वेब सर्वर की एक सूचि होती थी, टीम बेनेर्स से इन सूचियों का संपादन करके एक CERN वेबसर्वर पर इसे होस्ट कर दिया. 
    सबसे पहला search engine सन 1990 में McGill University के एक छात्र alan emtage के द्वारा बनाया गया था. जिसका नाम archie था. यह ftp पर आधारित था और वेबसाइट की विषय वस्तु की सूचि नहीं बनता था.
    सन 1991 में गोफर का जन्म हुआ जो mark McCahill के द्वारा मेनेसोता यूनिवर्सिटी में बनाया गया था. यह दो नए सर्च प्रोग्राम वेरोनिका और जगहेड के लिए हुआ, यह दोनो प्रोग्राम अपने सर्च रिजल्ट को गोफर में स्टोर करते थे. 
    लेकिन सबसे पहला web crawler पर आधारित search engine 1993 में मैथ्यू ग्रे के द्वारा MIT में बनाया गया जिसका नाम wandex था. इसके बाद 1993 में ही एक अन्य search engine Aliweb भी आया.  इनके बाद 1994 के शुरुवात में Jumpstation नाम से एक webcrawler पर आधारित सर्च इंजन आया लेकिन यह वेब पेज के टाइटल को ही सिर्फ सर्च कर पता था.  लेकिन इसी सन  20 April  1994 में ही web crawler नाम से एक दूसरा सर्च इंजन आया जो वेब पेज के टाइटल के साथ उसके विषय वस्तु के आधार पर सर्च करता था, और यह search engine के लिए एक मापदंड बन गया.  लेकिन  1994 में ही कार्नेगी मेलोन विश्वविद्यालय (Carnegie Mellon University) के द्वारा Lycos का आरंभ हुआ जो पहला व्यवसायिक प्रयास था.

    Some famous Search engine and It's History [ Hindi]  

    Excite

    यह Stanford University का प्रोजेक्ट था, जिसे 6 अंडर ग्रेजुएट स्टूडेंट ने मिलकर बनाया था.रह आगे चलकर एक crawling search engine का रूप ले लिया और काफी विकास किया इसने आगे चलकर web crawler और megallan की खरीद लिया और इसके बाद msn तथा नेटस्केप से पार्टनरशिप भी कर लिया.

    yahoo

     jerry yang और david fillo ने सन 1994  में yahoo को बनाया ये दोनों stanford university के Electrical Engineering के Graduate Student थे. शुरुवात  में इसका नाम Jerry and David to guide to world wide web था लेकिन बाद में यह yahoo का नाम ले लिया. yahoo.com 18 January 1995 को Registered हुआ था.

    Lycos

    1994 में Carnegie Mellon University में इसकी शुरुवात हुआ. यह पहला search engine था जो search के साथ वेब पोर्टल की सेवा भी देता था.email , Web hosting, Social Networking की सेवा भी देता था.

    Infoseek

    1994 में Steve Kirsch ने एक नए सर्च इंजन को डेवेलोप किया. जो  INFOSEEK corporation Sunnyvale, California के द्वारा संचालित किया जाता था. लेकिन 1998 में इसे Thw walt disney company ने इसे खरीद लिया और बादमें यह याहू के साथ जुड़ गई.

    AltaVista

    Altavista सर्च इंजन digital equipment corporation के  researcher, paul Flaherty, के आईडिया पर Louis Monier, and Michael Burrows ने webcrawler और indexer को  डेवेलोप किया गया. और यह paloAlto, california कंपनी के द्वारा संचालित किया जाता था. यह अपने समय की सबसे लोकप्रिय सर्च इंजन था, इसको 15 दिसम्बर 1995 को इन्टरनेट पर altavista.digital.com के नाम के साथ लांच किया गया. 

    Inktomi 

    Inktomi को UC Berkeley,  Professor Eric Brewer और graduate student Paul Gauthier के द्वारा 1996 में डेवेलोप किया गया था. शुरुवात में यह एक सर्च इंजन था.न बाद में यह एक CDN Content Delivery Network बन गया.

    Google

    Stanford university के PhD के दो छात्र Sergey brin और larry page ने 1996 में इसे बनाया जो अपने यूनिवर्सिटी के प्रोजेक्ट में कुछ अलग करना चाह रहे थे. उन्होंने सोचा की क्यों न एक ऐसा सर्च इंजन बनाया जाये जो एक वेबसाइट की तुलना दूसरे वेबसाइट से करके रैंक करें, और जितनी बार सर्च किया गया शब्द उस वेब पेज में होगा उसके हिसाब से वह रैंक करेगा. शुरू में इसका नाम backrub था लेकिन 1997 में इसका नाम बदल कर google रखा गया.
    क्या आप जानते है की smart phone हमे हानि पहुचता है?
    क्या आप जानते है की master cardक्या है?

    Conclusion

    किस प्रकार से search engine का विकाश हुआ और यह हमारे सामने अब किस रूप में है और दुनिया के famous search engine कौन कौन से है यह मैंने इस पोस्ट के माध्यम से आप लोगो को बताने का प्रयाश किया है. वैसे तो आज के समय का सबसे famous search engine गूगल.कॉम ही है, और यह दुनिया के सर्च इंजन में सबसे टॉप पर है, और अब यह सर्च के साथ अन्य सुविधा भी दे रहा है. 
    मुझे उम्मीद है की आज का यह पोस्ट Famous Search engine aur Inka Itihas kya hai? आप लोगो को जरुर पसंद आएगा. अगर अभी भी कोई सवाल हमेशा पूछना चाहते है तो आप कमेंट बॉक्स के जरिये जरुर पूछे हमें ख़ुशी होगी.
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    बुधवार, 13 सितंबर 2017

    Web Search Engine kya hota hai aur yah kaise kaam karta hai?

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    दोस्तो आज हम आपको बताएंगे कि Web search engine kya hota hai aur yah kaise kaam karta hai? आज के इस इंटरनेट के दौर में जब मन मे कोई सवाल आता है तो हम तुरंत ही उस सवाल का जवाब इंटरनेट में google.com, yahoo.com or Bing.com में ढूढने लगते है और उस सवाल का जवाब भी पा जाते है. लेकिन क्या आपने कभी यह सोच है कि आखिर यह Web search engine kya hota hai.
    90 के दशक में ऐसा नही था जब भी किसी सवाल का जवाब चाहिए होता था तब हम उसे किसी बड़े या जानकर से पूछ कर या किसी मैगज़ीन में पढ़ कर जानते थे. लेकिन आज के दौर में हम अपने सभी प्रश्नों के उत्तर को इन्ही Web search engine के माध्यम से प्राप्त कर लेते है.




  • क्या आपके स्मार्ट फ़ोन में वेर्चुअल रियलिटी है 
  • क्या आप जानते है की satellite टीवी क्या होता है 

  • Web Search Engine kya hota hai?

    Web Search Engine  एक ऐसा प्रोग्राम है जो आपके द्वारा खोजे जा रहे वाक्यो को या उनके अर्थ को इंटरनेट में मौजूद सभी डेटाबेस में खोज कर उसका उत्तर देता है.
    सर्च इंजन प्रत्येक प्रशो के उत्तर को अपने डाटाबेस में ही खोजता है, और वह इस डेटाबेस में अपने bots के द्वारा जानकारी को इकठ्ठा करता है.
    जैसे इस समय सभी यह खोज रहे है कि  blue whale game kya hai?  अब blue whale game अब एक कीवर्ड है और जो जो वेबसाइट उस शब्द का इस्तेमाल अपने वेबपेज में कई होती है उनको सर्च इंजन खोज करके अपने रिजल्ट पेज में शो कर देता है.


    Web Search Engine kaam kaise karta hai?

    Web Search Engine तीन स्टेप में काम करता है.  सबसे पहले वह crawling करता है. फिर तीसरे स्टेप में Indexing करता है. और लास्ट स्टेप में यह ranking and retrieval करता है.

    1- Crawling

    क्रेवलिंग का मतलब होता है कि किसी भी वेबसाइट से उसके सारी डेटा की जानकारी को हासिल करना. अर्थात पेज का टाइटल क्या है? पेज में कौन कौन से कीवर्ड है.  कीवर्ड की डेंसिटी क्या है? एक तरह से कह सकते है कि यह पूरे वेबपेज को ही कॉपी कर लेता है.और इसके साथ यह भी स्टोर कर लेता है कीइ का लेआउट कैसा है, लिंक कहाँ कहाँ है और advertise कहा पर दिया गया है.
    crawling की यह क्रिया सर्च इंजन के bots या spider के द्वारा आटोमेटिक रूप से की जाती है. google के मुताबिक यह spider एक सेकंड में करीब 100 से 1000 पेज को विजिट कर लेता है. और जैसे ही इस स्पाइडर को कोई नया पेज मिलता है तो वह उसके टाइटल, मेटा टैग, कीवर्ड,  बेक लिंक्स, इमेजेज आदि को अपने डेटाबेस में स्टोर कर लेता है. जब भी कोई नया पेजर इसे मिलता है तो यह इस क्रिया को रिपीट करता रहता है.

    2- Indexing 

    अब crawling के दौरान जो डाटा स्पाइडर को प्राप्त होता है उसे क्रमानुसार डेटाबेस में स्टोर करना ही indexing कहलाता है. सर्च इंजन सिर्फ एक वेबसाइट को crawl  करके बल्कि दुनिया के लगभग सभी वेब पेज को crawl कराती है और इन्हें index करती है. google का spider प्रतिदिन लगभग तीन त्र्रिलियन पेज को क्रॉल करता है. 
    एक तरह से कह सकते है की दुनिया के सभी वेब पेज की लाइब्रेरी गूगल के पास है.

    3- Ranking and Retrieval

    Web search engine का तीसरा और अंतिम स्टेप Ranking and Retrieval का ही होता है. जैसे ही कोई यूजर किसी कीवर्ड को Web search engine में डालता है. तो Web search engine का काम यह होता है की यूजर के द्वारा आई हुई इनपुट के अनुसार उससे मिलती हुई इनफार्मेशन को रिजल्ट पेज पर शो कर दे. 
    चुकी एक ही विषय पर कंटेंट बहुत से वेब पेज पर होते है. ऐसे में किस वेब पेज को फर्स्ट पोजीशन पर दिखाना है और किसको  सेकंड पर या थर्ड या फोर्थ, या ............. दसवे, सौवे, या हजारवे पर. अब इसके लिए गूगल 200 फैक्टर की जाँच करता है.  और उसके आधार पर वह वेब पेज को SERP (Search engine result page) में शो करता है.
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    क्या आप जानते है की master cardक्या है?

    Conclusion

    मुझे उम्मीद है की आप यह जान गए होंगे की web search engine kya hota hai aur, yah kaise kaam karta hai? यदि आप लोगो को कोई शिकायत या सुझाव हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स के जरिये जरुर बताये. इसे अपने मित्रो के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूले.
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    मंगलवार, 12 सितंबर 2017

    Computer ko Virus se Kaise Bachaye, 5 Best Tips

    3 comments
    Computer-ko-Virus-se-Kaise-Bachaye
    दोस्तों आप सभी कंप्यूटर पर काम  जरुर करते होंगे और अपने कंप्यूटर से ऑनलाइन वर्क, सर्फिंग, आदि भी करते होंगे. लेकिन आपको यह दर भी लगा रहता होगा की कही आपके कंप्यूटर में कोई Virus न आ जाए क्योकि एक बार यदि वायरस आ गया तो वह आपके डाटा को बर्बाद कर देगा. और आप यही सोचते होंगे की अपने computer ko virus se kaise bachaye इसीलिए आपको हमेशा इनसे  सतर्क रहना होता है, ताकि आपके कंप्यूटर में कोई virus न आ पाए. आज हम आप लोगो को कुछ ऐसे तरीके बताने वाले है जिनको आप अपना कर इन Virus को अपने कंप्यूटर में आने से रोक सकते है. चलिए जानते है की आप अपने computer ko virus free kaise rakh sakate hai.


    Computer Ko Virus se bachane ke 5 best Tarike

    हम आप को कुछ ऐसे सावधानियां  बता रहे है जिनको आप अपना कर अपने कंप्यूटर में वायरस आने से रोक सकते है.

    1- Use Advance Anti Virus

    आप कभी भी फ्री anti virus का इस्तेमाल न करें क्योकि यह पूरी तरह से सुरक्षित नहीं होता है. आप अच्छी कंपनी का anti virus का इस्तेमाल करे और उसके पेड वर्शन का ही इस्तेमाल करें, और आप इनको हमेशा update करते रहें. क्योकि यदि आप इसे update नहीं करेंगे तो नए आये हुए Virus, worm, and trojan Horse, maleware को नहीं पहचान  पायेगा. और ये सब वायरस आपके कंप्यूटर में आ जायेंगे.

    2- Daily Scan Your System With Anti virus

    सिर्फ अपने कंप्यूटर में anti virus को को इंस्टाल करके बेफिक्र मत हो जाइये. आप अपने सिस्टम को इस anti virus  से प्रतिदिन स्कैन भी करते रहे ताकि यदि कोई वायरस आ भी गया है तो वह डिलीट हो जाये. और आपका कंप्यूटर सुरक्षित रहे. आप अपने anti virus से अपने सिस्टम को रूटीन स्कैन करे, और अपने कंप्यूटर को सेफ रखे.

    3- Porn Website se Door rahe

    यदि आप चाहते है की आपके कंप्यूटर में वायरस ना आये तो आप अपने कंप्यूटर में कभी भी पोर्न वेबसाइट को ओपन न  करे. क्योकि नब्बे प्रतिशत वेबसाइट पोर्न साईट पर वायरस होते है जो विजिटर के कंप्यूटर में प्रवेश कर जाते है.  इसीलिए मेरा मानना है की कभी पोर्न साईट पर नहीं जाना चाहिए. इन वेबसाइट पर जो वायरस होते है वे बिना नोतिफिकेसन के ही कंप्यूटर में आ जाते है और स्टोर डाटा हो corrupt कर देते है.

    4- Bollywood aur Hollywood celebrities ko smabhal kar search kare

    ऐसा बहुत बार हो चूका है की वायरस बनाने वालो ने किसी फ़िल्मी हस्ती के नाम पर वायरस को बना बना दिया है, और जब कोई सर्च  करके  उस वेबसाइट तक पहुचता है तो उसके फ़ोन या कंप्यूटर में वायरस का अटैक हो जाता है. 2015 में इंटेल सिक्यूरिटी ग्रुप ने The Intel Security Most Dangerous celebrities List जारी किया था इनको सर्च करने पर कंप्यूटर में 20 प्रतिशत तक वायरस आ जाते थे इन हस्तियों में कैटी पेरी, ब्रितानी स्पीयर्स, ल्युक ब्रायन जैसे नाम सामिल थे इसीलिए इन हस्तियो के सेक्रेटे फुटेज, आदि पर क्लिक करते वक्त ध्यान रखे हर लिंक पर बिना सोचे समझे क्लिक न करें. इसके लिए trusted वेबसाइट या इन हस्तियों के ऑफिसियल वेबसाइट पट जाकर ही क्लिक करें.

    5- Secure Website Ki pahchan kaise kare

    कभी भी अननोन वेबसाइट पर जाने से पहले यह देख ले की यह HTTPS से सिक्योर है की नहीं. अधिकांश पोर्न वेबसाइट, वालपेपर्स  वेबसाइट जो https एनेबल नहीं है उन पर जाने से भी वायरस आने का खतरा होता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है की सभी http वेबसाइट पर वायरस होते है. बहुत से http वेबसाइट वायरस फ्री है. लेकिन यदि कोई वॉलपेपर वाली वेबसाइट या पोर्न वेबसाइट https नहीं है तो उस वायरस होने का खतरा हो सकता है.
    जो वेबसाइट https एनेबल होती है उन्हें ओपन करते ही एड्रेस बार में एक हरे रंग का लॉक दिखाई देता है, और http की जगह पर https लिखा होता है.  उसे देख कर हम यह जान सकते है की यह वेबसाइट https एनेबल है की नहीं.

    Conclusion

    उपरोक्त बातो का ध्यान रख कर आप अपने सिस्टम को वायरस फ्री रख सकते है लेकिन यदि आप किसी वेबसाइट से मूवीज या सांग डाउनलोड करते है तो उन वेबसाइट पर भी वायरस से इन्फेक्टेड ad होते है जो आपके कंप्यूटर में आ सकते है. इसीलिए आप इन्हें डाउनलोड करके की बजाय ऑनलाइन प्ले करके देखा लीजिये यह ज्यादा सेफ है.
    मुझे उम्मीद है की आज यह पोस्ट Computer ko Virus se Kaise Bachaye, 5 Best Tips आप लोगो को जरुर पसंद आया होगा.यदि कोई सुझाव या सिकायत है तो आप उसे कमेंट बॉक्स के जरिये हमें जरुर बताये.
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