रविवार, 2 अप्रैल 2017

Desktop Vs Laptop Fact for comparing

Computer-Vs-Laptop-who-is-best
हैलो दोस्तो कैसे आप सब। आज बात करेंगें कि लैपटाप और डेस्कटाप की इनमें कौन बेहतर है, और यदि बेहतर है तो क्यो? आजकल सभी लोग जिनको कम्प्यूटर खरीदना है वे लैपटाप खरीदना ज्यादा पसंद करते है। यदि कोई मित्र जो अब तक कम्प्यूटर नही खरीदे है, और वे खरीदना चाहते है और समझ नही पा रहे है कि लैपटाप और डेस्कटाप में कौन सा खरीदे उनका कन्फ्यूजन हमारे इस पोस्ट को पढने के बाद दूर हो जायेगा। लेकिन यदि डेस्कटाप और लैपटाप की तुलना की जाय तो डेस्कटाप कम्प्यूटर, लैपटाप कम्प्यूटर की तुलना में काफी बेहतर है। तो मित्रो चलिये हम बताते है उन फैक्टर को जिनके कारण डेस्कटाप बेहतर है, लैपटाप से।

आकार 

सबसे पहले हम बात करते है कम्प्यूटर के आकार की लैपटाप हमेशा डेस्कटाप से छोटा होता है, और लैपटाप को किसी भी छोटे से टेबल पर या गोद में रख कर भी प्रयोग कर सकते है। लेकिन डेस्कटाप कम्प्यूटर में ऐसी कोई सुविधा नही मिलेगी। यह सिर्फ टेबल पर रख कर ही प्रयोग किया जा सकता है, और हम इसको कही ले भी नही जा सकते है। जबकि लैपटाप को कही भी ले जाकर इस्तेमाल कर सकते है।

पावर बैकअप

डेस्कटाप को चलाने के लिये हमें विद्युत की आवश्यकता होती है। जब तक विद्युत सप्लाई मिलेगी तब जक ही डेस्कटाप कम्प्यूटर चलेगा। विद्युत के कटने के साथ ही उसको बंद करना पडेगा, डेस्कटाप कम्प्यूटर के साथ हमेशा एक यूपीएस रखना पडता है ताकि वि़द्युत के कटने पर डेस्कटाप को शटडाउन किया जा सके ताकि कम्प्यूटर की हार्डडिस्क खराब न हो। लेकिन लैपटाप कम्प्यूटर के अंदर बैटरी लगी होती है, जो विद्युत सप्लाई के कटने पर यदि पूर्ण रुप से चार्ज है तो 3से 4 घंटे तक का बैकअप देगी। इसके बैकअप का समय इस पर निर्भर करता है कि आप उस पर कौन सा कार्य संपादित कर रहे है। अतः लैपटाप के साथ कोई यूपीएस या पावर बैकअप जैसे इन्वर्टर लेने की जरुरत नही होती है।

कीमत या मूल्य

आज के समय में सस्ते कीमत पर लैपटाप और डेस्कटाप कम्प्यूटर दोनेा मिल जायेगे लेकिन जहा अच्छे लैपटाप की कीमत 25000 से उपर होगी वही एक अच्छे डेस्कटाप की कीमत 25000 से कम ही होगी यदि आप इसको असेम्बल कराते है तो। लेकिन एक बात यह कि लैपटाप असेंम्बल नही होता है। इसीलिये लैपटाप मंहगा मिलेगा और डेस्कटाप सस्ता। यदि आप किसी रिप्यूटेड ब्रांड का डेस्कटाप भी लेते है तो वह महंगा ही मिलेगा।

स्क्रीन साइज

यदि आप लैपटाप लेते है तो उसकी स्क्रीन की साइज जो कम्पनी दे रही है वही रहेगा। लेकिन डेस्कटाप के साथ ऐसा नही है। आप अपने मनचाहा स्क्रीन की साइज ले सकते है। लैपटाप के स्क्रीन की साइज 13.5 इंच से 15 इंच तक होती है। लेकिन डेस्कटाप में आप 15 इंच से 22 इंच तक का मानीटर ले सकते है। यदि इससे बडा स्क्रीन चाहिये तो आप किसी ब्रंाडेड कम्पनी का टीवी ले सकते है, और उसे वीजीए या एचडीएमआई पोर्ट के साथ जोड सकते है, और अपने कार्य को कर सकते हैं और साथ में टीवी का भी आनन्द ले सकते है।

डिजाइन

डिजाइन के मामले में लैपटाप फिर डेस्कटाप से बाजी मार ले गया, क्योकि लैपटाप काफी और विभिन्न डिजाइन में आते है, और अब तो काफी पतले भी आ रहे है। लेकिन डेस्कटाप हमे सामान्य सी डिजाइन और बडे से आकार में ही मिलेगा। डेस्कटाप में जो भी डिजाइन मिलेगी वह मानीटर स्क्रीन, कीबोर्ड और माउस में ही मिलेगी।

लाईफ

जब बात कम्प्यूटर के लाईफ की आती है जो यहा डेस्कटाप बाजी मार ले जाता है, क्योकि डेस्कटाप हमेशा लैपटाप से ज्यादा दिन तक चलते है क्योकि हम उनको एक ही स्थान पर रख कर इस्तेमाल करते है। और धूल आदि के आ जाने पर इसके सीपीयू स्वंय ही खोल कर साफ कर सकेत है। जबकि लैपटाप को घर पर खोलना आसान नही है। यह भी एक कारण है लैप्टाप ेके जल्दी खराब होन का।

असेम्बलिंग

सबसे बडी बात की लैपटाप को असेम्बल नही करा सकते जबकि हम डेस्कटाप को अपनी मर्जी के हिसाब से हार्डवेयर का प्रयोग करा कर उसे असेम्बल करा सकते है। जिसमे हम मनचाहा प्रोसेस, रैम हार्डडिस्क आदि लगवा सकते है।
लैपटाप में कम्पनी का दिया हुआ ही प्रोसेसर, रैम, और हार्डडिस्क लेना पडेगा, लेकिन डेसकटाप कम्प्यूटर के साथ ऐसा नही है यदि हम इसको असेम्बल कराते है तो क्योकि असेम्बल कराने पर हम इसमें मनचाहा प्रोसेसर, रैम और हार्डडिस्क अपने मनचाहे कम्पनी का लगवा सकते है। जितना की हमारा बजट अलाउ करे।

रिपेयरिंग

लैपटाप में एक छोटी सी भी खराबी आने पर उसको पूरा खोलना पडता है। जिसके लिये आपको उसे सर्विस सेन्टर में ही ले जाना पडेगा और सर्विस सेन्टर जाने का मतलब की लैपटाप को पूरा खोला गया है तो ज्यादा बिल पे करना पडेगा।
जबकि डेस्कटाप में यदि कोई खराबी आती है तो सिर्फ उसी पार्ट के सर्विस की बिल देना पडता है, इसका रिपेयरिंग मैकेनिक को घर पर बुला कर भी करा सकते है।

हार्डवेयर अपडेट कराना

लैपटाप में केवल रैम, हार्डडिस्क को ही बढाया जा सकता है उसके प्रोसेसर को नही, जबकि डेस्कटाप कम्प्यूटर में प्रोसेसर, रैम, हार्डडिस्क को अपडेट किया सकता है। यदि आप चाहे तो डेस्कटाप में एक से अधिक हार्ड डिस्क का भी प्रयोग बडी आसानी से कर सकते है। लेकिन लैपटाप मे एक से अधिक हार्डडिस्क लगाने की जगह नही होती है। फिर भी यदि आपको हार्डडिस्क स्पेस बढाना है तो एक्सटर्नल हार्डड्ाईव लेना पडेगा जो इन्टरनल हार्डडिस्क से मंहंगी पडती है और उसे हमेशा लैपटाप के साथ लेकर घूमना पडेगा।
यदि लैपटाप का कीबोर्ड खराब हो गया तो उसको बदलना भी काफी मंहगा है जबकि डेस्कटाप के कीबोर्ड और माउस 200 से 400 में आ जायेंगे।

ग्राफिक कार्ड

हाई एन्ड गेम खेलने के लिये या विडियो एडिटिंग के लिये आपको अलग से एक ग्राफिक कार्ड लगवाना होता है जो डेस्कटाप कम्प्यूटर में तो लग सकता है लेकिन लैपटाप में जगह न होने कारण आप इसे नही लगा सकते है। जिससे आप उच्च लेबल का विडियो एडिटिंग और हाई एन्ड गेंम नही खेल पायेगे।
और अंत में हम कह सकते है कि लैपटाप तो काम डेस्कटाप के बराबर ही करेगा लेकिन डेस्कटाप से काफी मंहगा है और अपडेट की भी सीमित संभवना है। जबकि डेस्कटाप एक सस्ता और बेहतर उपाय है जो बदलते समय के साथ आसानी और सस्ते में अपडेट भी किया जा सकता है।

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