शनिवार, 15 अप्रैल 2017

What is Internet Protocol (IP) Static IP, Dynamic IP, Global IP, Local IP

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नमस्कार दोस्तो कैसे है आप सब। आप सभी लोग इन्टरनेट का प्रयोग रोजाना करते है। लेकिन क्या आप जानते है कि इन्टरनेट में एक IP address या आईपी का प्रयोग होता है उसका क्या मतलब है। या यह किस लिये प्रयोग किया जाता है। इन्टरनेट और IP Address का क्या सम्बन्ध है। आज हम इसी के विषय में बात करेंगे। तो चलिये शुरु करते है।

क्या है आईपी What is IP (Internet Protocol)

सभी नेटवर्क में सूचनाओ के आदान प्रदान के लिये कुछ नियम होते है। और इन्टरनेट भी एक प्रकार का नेटवर्क ही है। इन्टरनेट पर सूचनाओ के आदान प्रदान के लिये बने नियम को ही इन्टरनेट प्रोटोकाल कहा जाता है। इसको हम TCP/IP के नाम से भी जानते है। जिसका पूरा नाम Transmition Control Protocol/ Internet Protocol है।
जब कोई डिवाइस इन्टरनेट के जुडती है तो डाटा के लेन देन में कोई गडबडी ना हो इसके लिये उसको एक यूनिक एड्रेस दिया जाता है। जिसे हम आईपी के नाम से जानते है। सभी वेबसाइट, सर्वर या जो डिवाइस इन्टरनेट से जुडती है उसका एक यूनिक एड्रेस होता है। यह आईपी एड्रेस बाइनरी वैल्यू का बना होता है और यह नेटवर्क या इन्टरनेट पर डाटा का रुटिंग करता है।
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आई पी एड्रेस का फारमेट  Format of IP

आईपी एड्रेस में हमेशा तीन-तीन नंबर के 4 ब्लांक होते है। प्रत्येक ब्लाक में 0 से लेकर 255 तक 256 वैल्यू हो सकती है। आईपी की प्रथम वैल्यू 0.0.0.0 से लेकर 255.255.255.255 तक हो सकती है। जिस ब्लाक में सिर्फ 1 अंक लिखा हांेता है उसके आगे दो जीरो माना जाता है। जैसे किसी किसी राउटर का एडमिन आईपी 192.168.001.001 होता है। लेकिन इसको हम 192.168.1.1 भी लिख सकते है। आईपी एड्रेस में 0.0.0.0 डिफाल्ट नेटवर्क से सम्बन्धित होता है। दूसरा 127.0.0.1 को लोकल होस्ट कहा जाता है यह आपके कम्प्यूटर का ही लोकल सर्वर एड्रेस होता है। इसे लूपबैक एड्रेस भी कहते है। सबसे अन्त में 255.255.255.255 को ब्राडकास्ट एड्रेस कहा जाता है।

आईपी एड्रेस मानक

 इन्टरनेट प्रोटोकाल के दो मानक या स्टैण्डर्ड होते है।
  • IPv4 
यह एड्रेस 32 बीट लंबा होता है। और यह इन्टरनेट प्रोटोकाल का चैथा वर्जन है। 4294967296 एड्रेस को सपोर्ट करता है।
  • IPv6
इन्टरनेट की लोकप्रियता के कारण आईपी वर्जन4 के समाप्ति कीे चिन्ता के वजह से एक नया प्रोटोकाल की आवश्यकता होने लगी, जिससे आईपी वर्जन 6 का विकास किया गया। यह 128 बिट लम्बा होता है। और काफी लम्बे समय तक इन्टरनेट आपरेशन को जारी रखने के लिये पर्याप्त है। इसको 1995 में डेवलप किया गया। तथा 1998 में standardized  किया गया तथा डेप्लाईमेंट 2000 में शुरु किया गया।
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आईपी एड्रेस के प्रकार

प्राइवेट आईपी एड्रेस Private Ip or Local IP

जब कम्प्यूटर या डिवाइसेस में फाइल या रिर्सोस को शेयर करने के लिये सभी डिवाइसो को किसी केबल या वायरलेस के माध्यम से आपस में जोडा जाता है तो उसे प्राईवेट आईपी एड्रेस के नाम से जाना जाता है।

पब्लिक आईपी एड्रेस Global IP or Public IP

इस प्रकार के आईपी को इन्टरनेट सर्विस प्रोवाइडर(आईएसपी) के द्वारा प्रोवाईड किया जाता है। जिससे होम नेटवर्क को इन्टरनेट की दुनिया से जोडा जाता है। यह स्टैटिक या डायनेमिक प्राकर को हो सकता हे। स्टैटिक पब्लिक आईपी एड्रेस किसी सर्विस जैसे एफटीपी सर्वर, ईमेल सर्वर, या वेबसर्वर, या वेबसाइट के लिये प्रयोग किया जाता है।कंप्यूटर के रिबूट होने पर भी नहीं बदलता है
जबकि डायनेमिक पब्लिक आईपी एड्रेस इन्टरनेट से डिसकनेक्ट होने के बाद पुनः कनेक्ट होने पर बदल जाता है। अधिकतम इन्टरनेट यूजर को डायनेमिक आईपी ही मुहैया होती है जो इन्टरनेट के डिसकनेक्ट होने पर कट जाता है।

डेडिकेटेड आईपी एड्रेस 

यह एक स्टेटिक पब्लिक आईपी एड्रेस होता है।, जिसे होस्टिंग प्रोवाडर के द्वारा किसी वेबसाइट या ब्लाग के दिया जाता है। जो डोमेन नेम से अटैच्ड होता है। यह अलग अलग डोमेन के लिये अलग अलग होता है।  किसी वेबसाइट या ब्लाग को ओपन करने के लिये अगर डोमेन की जगह उसका आईपी एड्रेस के द्वारा भी ओपन कर सकते है।

शेयर्ड आईपी एड्रेस

शेयर्ड आईपी का मतलब पर एक सर्वर सिस्टम पर एक ही आईपी एड्रेस साथ बहुत से डोमेन अटैच्ड किये जाते है।  और वे सभी बस एक ही आईपी एड्रेस का प्रयोग करते है।
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यूआरएल क्या होता है। What is URL

इसका पूरा नाम Uniform resource Locator  होता है। चूकि आईपी एड्रेस को याद रखना इतना आसान नही होता है। इसलिये इसको आसान बनाने के लिये टीम बर्नर लि ने 1994 में इसको डिफाइन किया।
किसी भी यूआरएल में तीन हिस्से होेते है।
 http .- यह एक प्रोटोकाल है जिसका पूरा नाम   है। इसका प्रयोग ब्राउजर के द्वारा सर्वर से कम्यूनिकेशन करने के लिये किया जाता है।
 www- यह सर्वर का नाम होता है।
example.com- यह डोमेन का नाम होता है। जिसका एक यूनिक आईपी एड्रेस होता है।

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