शुक्रवार, 26 मई 2017

Calculator kya hota hai aur yah kaam kaise karte hai?

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दोस्तों Calculator का इस्तेमाल तो आप सभी करते ही होंगे| इसके द्वारा लाखो करोडो का हिसाब करते होंगे| लेकिन क्या कभी आप ने सोचा है की यह काम कैसे करता है| आज मैं आप लोगो को इसी के बारे में बताऊंगा की Calculator kaam kaise karte hai? इसके ऊपर एक कहावत चरितार्थ हो जाती है " देखन में छोटन लगत घाव करत गंभीर"| क्योकि इसक साइज़ जितना छोटा है यह उसके मुकाबले बहुत ही तेज़ी और आसानी से मैथ के सारे कैलकुलेशन को बहुत ही सरलता से सोल्व कर देता है| तो देर न करते हुए  चलिए शुरू करते है|
mobile तो अभी कुछ सालो से है| computer का इस्तेमाल भी आप लोग करते आ रहे होंगे लेकिन calculator काफी पुराने दिनों से हम लोगो के साथ है, और यह हम लोगो के पॉकेट में होते थे जब कभी जरुरत पड़ी पॉकेट से निकला और उसका  इस्तेमाल किया| आखिर इस छोटे से कैलकुलेटर के अन्दर क्या होता है, जो टेढ़े मेढ़े मुस्किल नम्बरों  के हिसाब को तुरंत हम लोगो के सामने ला देता है| इसके अन्दर ऐसा कौन सा science होता है| जिसके कारण यह सभी कैलकुलेशन को बड़ी ही आसानी से कर देता है?

Calculator क्या है?

मित्रो यह भी एक electronic device है| इसके यही ओपन कर के आप देखेंगे तो आप को इसके अन्दर electronic component एक एक बोर्ड पर लगे हुए मिल जायेंगे| इसके अन्दर एक बोर्ड, एक डिस्प्ले, बटन के लिए कीबोर्ड और एक बैटरी होगा| इसमे जो main बोर्ड होता है उसमे एक processor होता है जो सारी कैलकुलेशन की क्रियाओ को संपन्न करने का कार्य करता है|

Calculator kaam kaise karte hai?

अब हम बात करते है एक सिंपल Calculator की यह काम कैसे करता है | तो सबसे पहले होता है input key जैसे ही हम कोई number 1,2,3,4,5 को प्रेस करते है तो निचे के keybord का जो सर्किट होता है वो एक सिक्वेंस में होता है, और उसके रो और कॉलम आपस में टच हो जाते है|  जिससे processor को पता चलता है की आप ने कौन सा बटन प्रेस किया है| इसके साथ ही वह नंबर calculator के स्क्रीन पर भी display होता रहता है|
इसके बाद जैसे ही आप ने कोई एक्स्ट्रा सिंबल को प्रेस किया जैसे धन (+), ऋण(-), गुणा(x), भाग(/) , तो पहले दबाये गए number एक मेमोरी में जाकर सेव हो जाते है| उसके बाद दुबारा एक सेकंड number 1,2,3,4,5, या जो भी दबाना है दबा दीजिये| और इसके बाद आप जैसे ही equal(=) बटन को प्रेस करते है| तुरंत ही स्क्रीन पर रिजल्ट दिख जाता है| आखिर इतनी जल्दी रिजल्ट कैसे आ जाता है| 

Decimal Number System and Binary Number System

अब यहाँ पर बात होती है complete कैलकुलेशन की हम लोग या इंसान वो गिनती गिनते है 1,2,3,4,5,6,7 लेकिन यह गिनती नहीं समझता है| यही नहीं कोई भी computer गिनती को नहीं समझता है| यह जो गिनती है वह है decimal और हम सब काफी पहले से इसी को यूज़ करते आ रहे है| लेकिन जो computer या calculator होता है वो इन डेसीमल number को नहीं जनता है| वह केवल दो स्टेट को जनता हो वह है on या off अर्थात यदि कोई स्विच है वो या तो on होगा या off होगा| जो एक binary number system होता है| कैलकुलेशन के लिए जो हम number प्रेस करते है उन्हें binary number में change करना पड़ता है| ताकि उसे यह मशीन समझ सके और उन्हें प्रोसेस भी कर सके| 
जब यह conversion हो जाता है टैब अगर मै आप से यह कहू की दुनिया का कोई कंप्यूटर या calculator ऋण(-), गुणा(x), भाग(/) को करने में सक्षम नहीं है| यह सिर्फ और सिर्फ जोड़   ही कर सकता है| यह जानकर आप लोगो को  बड़ा ही अजीब लगेगा लेकिन यह बिलकुल सत्य है| और एक जोड़ करने के क्षमता के आधार पर ही वह सारे ऑपरेशन को अंजाम देता है| 

Logical gate 

उदाहरण के लिए मान लीजिये की हमें 6 और 3 को जोड़ना है तो वह उसे जोड़ देगा क्योकि उसे तो यह आता है लेकिन यदि 10 में से 3 को घटाना है तो वह 10 में -3 को जोड़ देगा| यदि 10 में 5 का गुणा करना है तो वह 10 को 5 बार जोड़ देगा| यहाँ पर जो भी कांसेप्ट है वो जोड़ का है| और इसके लिए हम काम में लेते है logic gate को|
logic gate एक सर्किट का जाल है जिसमे बहुत सारे transistor लगे होते है अर्थात ये छोटे छोटे स्विच है जो on होंगे या तो off होंगे यह इस पर निर्भर करता है की जो इसमे input जा रहा है वो क्या जा रहा है वो high या low है | basically on है या off है और यह जो complete जाल है और इसके द्वारा जो भी input आया है वो उसको प्रोसेस करके आउटपुट  दे देता है  जिसे आप स्क्रीन पर देख पाते है| इससे यही पता चलता है की इसमे जो भी काम हो रहा है वो सभी काम binary number system में हो रहा है|

display unit

रिजल्ट हमें दिखाना होता है वो डेसीमल number सिस्टम में अर्थात 1,2,3,4,5,6 वाले number में इसके लिए हम काम में लेते है 7 segment LCD display को| हम लोगो के मोबाइल या computer की जो स्क्रीन होती है वह बहुत high resolution वाली होती है लेकिन एक calculator का स्क्रीन 7 segment display होता है| इसमे एक segment में जो number या alphabet चाहे दिखा सकते है| किसी को ऑन और किसी को off करके स्क्रीन पर 1,2,3,4,5,6,7 या complete गिनती दिखा सकते है

Calculator के प्रकार

अब ऐसा नहीं है की हम शुरुआत से ही इसी प्रकार के calculator का इस्तेमाल करते आ रहे है| सबसे पुराना और पहला calculator abacus था| उसके बाद आया mechanical calculator इसमे अलग अलग गियर सिस्टम होते थे | इसमे कोई चीज़ पंच करी अन्दर गरारी घूमी और उसके बाद output प्राप्त हुआ| इसके अलावा जो हमें मिलते है scientific calculator, programming calculator वो थोड़े से अलग है क्योकि इनमे कुछ एडवांस feature है|

Conclusion

दोस्तों मुझे उम्मीद है की आप लोगो को simple calculator की जानकारी पसंद आई होगी| इस पोस्ट में मैंने आप लोगो को यही बताने का प्रयास किया है की calculator kaam kaise karte hai? इससे सम्बंधित सारी जानकारी डिटेल में आप लोगो को बता दिया है| यदि यह पोस्ट अच्छा लगे तो इसे अपने मित्रो के साथ facebook, twitter आदि शेयर जरुर करे| 
धन्यवाद|

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