शुक्रवार, 5 मई 2017

iris scanning kya hai aur yah kaise kaam karta hai

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दोस्तों आज हम बताएँगे की iris scanning क्या है ?और यह कैसे काम करता है?  fingerprint scanning से कैसे अलग है ?  इसके क्या फायदे है ? क्या नुकसान है ? यह कैसे काम करती है ? इन सभी प्रश्नों के जवाब आपको आज इस पोस्ट में मिल जाएगी.   पढिये मेरे इस पोस्ट को और अपने सभी प्रश्नों के जवाब पाइए ।
Iris Kya hai?
जब हम इंसानों की बात करते है तो हम सभी इंसानों के पास तीन ऐसी चीजे है जो सभी के पास तो है,     लेकिन हर किसी का अलग-अलग है । पहला है Fingerprint दूसरा है DNA और तीसरा     है  हमारे आंख के iris का pattern। नार्मल यूज़ में हम fingerprint को काफी ज्यादा यूज़ करते है । जहा खी भी किसी ब्यक्ति को एक्सेस देनी होती है या नहीं देनी होती है वहा fingerprint का इस्तेमाल करते है । DNA का इस्तेमाल फोरेंसिक science में होता है । सामान्य रूप से इसका प्रयोग नहीं किया जाता है । चुकी यह काफी complicated होता है इसीलिए सामान्य रूप से इसका प्रयोग संभव नहीं है ।
consumer electronic या day to day लाइफ में हम fingerprint  scanner का ही इस्तेमाल करते है ।  या iris scanning का इस्तेमाल कर सकते है । या यदि हम चाहे तो इन दोनो  के combination का भी इस्तेमाल कर सकते है । Fingerprint Technology काफी सिंपल है । और इसका इस्तेमाल काफी पहले से करते आ रहे है । इसके साथ ही यह काफी सस्ती भी है । यही कारण है की इसे हम आज तक यूज़ करते आ रहे है । और आगे भी करते रहेंगे ।
जहा तक बात है iris scanning की तो यह अभी कॉमन नहीं है । इस समाया यह अभी कुछ चुने युहे जगहों पर ही मिलेगी ।

Iris Scanning Vs Fingerprint Scanning ज्यादा सुरक्षित कौन ?

जहा तक बात है iris scanning की तो यह अभी कॉमन नहीं है । इस समय यह अभी कुछ चुने हुए जगहों पर ही मिलेगी ।  लेकिन यह technology fingerprint के मुकाबले बहुत ज्यादा secure है । बहुत ज्यादा फ़ास्ट है । बहुत ज्यादा efficient है । और भविष्य में fingerprint  के मुकाबले काफी बेहतर होती दिखाई देगी , और ज्यादा जगहों पर भी नज़र आएगी ।

Iris Scanning काम कैसे करती है ?

मनुष्य की आंखो के बीच में पैटर्न होता  है । जिसे हम लोग काली आंखे     नीली आंखे , भूरी आंखे कहते है । यही हमारे आंख की iris होती है । जिसे सामान्य बोलचाल में हम पुतली कहते है । इस पैटर्न के अंदर जो बारीक़ बारीक़ डिटेल होते है । वो हर एक इंसान के अलग-अलग होते है । जब बच्चा 2 साल का होता है । तब से लेकर जब तक वह मरता नहीं है तब तक बदलता नहीं है । और पूरी जिंदगी एक सामान रहता है । इसका प्रिंसिपल भी कुछ fingerprint जैसा ही  है । जैसे iris को एक बार scan किया और यूज़ डेटाबेस में रख लिया । वेरिफिकेशन के समय जो  रिजल्ट आया उससे यह compare करता है ,और यह बता देता है की यह मैच हुआ या नहीं ।

identification methods

चुकी fingerprint scanning में 40 से 50 पॉइंट होते है जो स्कैन को identify करते है। लेकिन iris scanning     में 240 से 250 पॉइंट होते है जिनसे मैच  होने पर ही यह वेरीफाई करता है।  यह fingerprint से  चार या पांच गुना ज्यादा high level security के साथ मैच करता है iris scanning और जब तक  की      सारे के सारे पॉइंट मिल नहीं जाते तब तक यूजर को access नहीं मिलाता है।
iris scanning के लिए एक infrared camera और एक normal camera लगा होता है। यह दोनों कैमरा एक साथ आपके आँखों की तस्वीर लेते  है ।  जो बहुत ही ज्यादा high resolution wali hoti hai. और उसके बाद उसमे से इम्पोर्टेन्ट डाटा को पिक कर लेते है । जैसे पैटर्न में कहा diversion है ,  कहाँ पर conversion    है , कहाँ पर curve है , कहाँ पर arc है । यह सभी चीजो को identify करते है । और उनको लेकर एक कोड तैयार करते है । यह इनका iris का कोड होता    है । और इन्हें अपने डेटाबेस में स्टोर कर लेता है ।
और जब दुबारा वही ब्यक्ति वेरीफाई करने जाता है तो तो पुन: infrared camera और normal camera के द्वारा आंख कीस्वीर लि जाती है । और उसे कोड में कन्वर्ट करके उसे पहले से सेव किये हुए कोड से मैच कराया जाता है । कोड के मैच होने पर यूजर को एक्सेस नह जाती है । 

बेहतर कौन Iris Scanning या Fingerprint Scanning

चुकी fingerprint शरीर के बहरे हिस्से में होते है । जिसकी वजह से काम करते वक्त चोट     लग सकती है ।  काम करते करते यह घिस सकती है । जिससे उतनी अच्छी रिजल्ट हमें नहीं मिलाती है । दूसरी बात इनको टच करना होता है । लेकिन iris scanning में ऐसी कोई    दिक्कत नहीं होती है है क्योकि iris हमारे आंख के अंदर corniya के अंदर छिपा होता है ।  जिससे वह एकदम सेफ है।
iris scanning में टच किये बिना     ही कुछ फासले से ही इनको स्कैन कर सकते    है । जिससे हमारा hygine भी मेन्टेन रहता है । इनको दूर से ही स्कैन किया जा सकत है । तो यह ऐसे जगह पर भी काम कर सकता है । जहा पर बहुत ज्यादा भीड़ हो और उसमे से किसी एक ब्यक्ति या सभी को एक साथ स्कैन करना हो । इसके द्वारा एक एक ब्यक्ति को बारी बारी से स्कैन करने की जरुरत नहीं होती है । यह सभी को एक साथ स्कैन कर सकता है । 
 कौन हो सकता है bypass Iris Scanning या Fingerprint Scanning
iris Scanning को बाईपास करना मुस्किल ही नहीं नामुमकीन है । पुराने iris स्कैनर में high resolution पिक्चर से बाईपास किया जा सकता था । लेकिन अब जो नए स्कैनर आये है वो iris के साथ आंख की मूवमेंट को भी चेक करते है।  की कही यह high resolution पिक्चर तो नहीं है ।इसीलिए इनको बाईपास करना असंभव है ।   Fingerprint scanning में   आप किसी ब्यक्ति की fingerprint की मोल्ड बना लेते है   उसे बाईपास करना   आसान हो जाता है ।

Mobile Phone and Iris Scanning

कौन से ऐसे smartphone है है जिनमे iris scanning की टेक्नोलॉजी है ।  चुकी fingerprint बहुत से मोबाइल फ़ोन में था लेकिन iphone 5s में यह  बेतरीन स्कैनर है। और इसी  के बाद लगभग हर अच्छे स्मार्ट फ़ोन ने इसे देना शुरू कर दिया ।  लेकिन  iris scanning बहुत ही एडवांस टेक्नोलॉजी है  । जिसके वजह से अभी यह सभी स्मार्ट फ़ोन में नहीं है ।  यह बहुत ही रेयर फ़ोन में आपको मिलेगी fijutsu aero मे iris scanning की सुविधा है। इसके आलावा microsoft के lumia 950 एंड lumia 950xl  और surface tablate में यह सुविधा windows hello के नाम से मिलाता है ।

Conclusion

तो दोस्तों iris scanning के विषय में मैंने लगभग सभी जानकारी इसमे दे दिया है। fingerprint के साथ इसकी तुलना नहीं की जा सकती है ।  क्योकि यह काफी सिक्योर है ।  और आशा है   की आईरिस स्कैनिंग से सम्बंधित सभी प्रश्नों के जवाब आपको मिल गए होंगे । मेरा यह पोस्ट आप सब को कैसा  लगा हमें जरुर बताइयेगा ।
धन्यवाद 

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