गुरुवार, 29 जून 2017

Bounce Rate kam karane ke 5 aasan tarike

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दोस्तों आज हम आपको सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के एक महत्पूर्ण फैक्टर bounce rate के विषय में आप लोगो को बताएँगे की bounce rate kya hota hai? और bounce rateko kaise kam kare? और कैसे इस bounce rate को कम करके बढ़िया ट्रैफिक प्राप्त करे? और किस प्रकार अपने bounce rate को कम करके अपने ब्लॉग का revenue बढ़ाये?
यदि आप एक ब्लॉगर है या  आपका कोई वेबसाइट है तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है. और यदि आपके blog का bounce rate ज्यादा है तो इस आर्टिकल को पढ़ कर इसमे बताये गए मेथड का यूज़ करे तो आपका bounce rate जरुर कम हो  जायेगा.  तो चलिए सबसे पहले जानिए bounce rate क्या होता है?
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bounce rate क्या होता है?

bounce rate उन विजिटर के संख्या का परसेंटेज है. जो आपके ब्लॉग पर आये और एक पेज देख कर ही वापस चले गए. जब कोई विजिटर किसी ब्लॉग पर आता है और उस ब्लॉग के किसी भी एक पेज को ही देख कर चला जाता है तो ऐसे विजिटर की संख्या का परसेंटेज ही bounce rate कहलाता है.
उदाहरण के लिए मान लेते  है की मेरे ब्लॉग की bounce rate 60% है. तो इसका मतलब यह हुआ की हमारे ब्लॉग के जितने भी विजिटर आये है अर्थात टोटल विजिटर की संख्या में से 60% मेरे ब्लॉग का कोई एक पेज ही देख कर उसे छोड़ गए.
जिस ब्लॉग का bounce rate जितना कम होगा वह ब्लॉग उतना ही बढ़िया होगा.

ideal bounce rate कितना होना चाहिए?

जहा तक ideal bounce rate की बात है तो यह 10% या इससे कम होना चाहिए. जबकि ऐसा बहुत ही कम वेबसाइट का होता है.  और जिन वेबसाइट का bounce rate 10% से कम होता है वह दुनिया के सफल वेबसाइट में गिने जाते है.  और यदि आप का bounce rate 90% से ज्यादा है तो आप यह मान लीजिये की आपके वेबसाइट में लोगो का कोई इंटरेस्ट नहीं है. और आपको इसमे सुधार करने की जरुरत है.
यदि आपके वेबसाइट या ब्लॉग का bounce rate 10% से 40% के बीच में है तो भी बहुत अच्छी बात है. लेकिन आमतौर पर देखा गया है  की वेबसाइट का bounce rate 40% से 70% के आसपास ही रहती है.
यदि आप एक ब्लॉगर है या किसी वेबसाइट के ओनर है तो आपको हमेशा अपने ब्लॉग या वेबसाइट के bounce rate को कम करने पर ध्यान देना चाहिए.

bounce rate ज्यादा होने का कारण

  • targeted विजिटर का न होना.
  • वेबसाइट का design अच्छा और responsive ना होना.
  • quality content का न होना
  • website का page loading time अधिक होना.
  • ब्लॉग के दुसरे आर्टिकल का internal link का ना होना.

bounce rate को कम कैसे करे?

आप लोग यह तो अच्छी तरह से जान गए है की bounce rate क्या होता है?  bounce rate ज्यादा होने के क्या  कारण होते है. हम आपको बता रहे है bounce rate kam karne ke top 5 aasan tarike. तो चलिए अब यह भी जान लेते  है की इसे कम कैसे करते है.

1- सही विजिटर को attract करना

  • यदि आप एक ब्लॉगर  है तो आपका उद्देश्य अपने blog पर अधिक विजिटर लाना नहीं होना चाहिए बल्कि targeted visitor को लाना आपका उद्देश्य होना चाहिए.
  • मान लीजिये कोई motivational स्टोरी पढ़ना चाहता है, वह विजिटर यदि आपके blog पर आ भी जायेगा तो भी वह तुरंत ही वापस चला जायेगा. इसीलिए केवल ऐसे विजिटर को ही अपने ब्लॉग पर टारगेट कीजिये जो उसमे interested  हो.
  • इसके लिए आप अपने content में उन्ही  keyword को ही इस्तेमाल कीजिये, जो आपके ब्लॉग या वेबसाइट से सम्बंधित हो.
  • सर्च इंजन में rank करने के लिए बढ़िया title और meta description का इस्तेमाल कीजिये.
  • ज्यादा targeted ट्रैफिक के लिए एडवरटाइजिंग का भी सहारा ले सकते है.

2- blog का design बढ़िया और responsive होना चाहिए

  • एक कहावत है जो दिखेगा वही बिकेगा, यदि आपके ब्लॉग का design good looking नहीं और और वह responsive नहीं है तो विजिटर एक बार तो आयेंगे लेकिन चले जाने के बाद दुबारा नहीं आयेंगे. क्योकि यदि उन्हें आपका blog अच्छा नहीं लगा तो वे तुरंत ही छोड़ कर चले जायेंगे.
  • यहाँ पर good looking design का मतलब यह है की यदि आपके साईट की नेविगेशन अच्छी नहीं है तो लोगो को menu ब्राउज करने और साईट सर्फ करने में दिक्कत होगी, जिससे विजिटर आपकी साईट को लीव कर जायेंगे.
  • इसके लिए आप बहुत ज्यादा ब्राइट और बहुत ज्यादा लाइट कलर का यूज़ ना करे. साईट में कलर और उसका थीम ऐसा होना चाहिए जो आँखों को सुकून दे.
  • साईट में फॉण्ट की साइज़ और फॉण्ट का भी ध्यान रखिये ताकि लोग पढ़ने में आसानी हो, बहुत ज्यादा बढे और बहुत छोटे फॉण्ट का चुनाव ना करे.
  • एक बात हमेशा याद  रखिये की आप ब्लॉग या वेबसाइट को बना रहे है, उसे अपने पढ़ने के लिए नहीं बना रहे है, इसे आप दूसरो को पढ़ने के लिए बना रहे है. कहने का मतलब सिर्फ इतना है की साईट का design ऐसा हो की विजिटर को पसंद आये.
  • ब्लॉग या वेबसाइट का design responsive होना चाहिए. मतलब यह की आपका ब्लॉग हर साइज़ के डिस्प्ले और डिवाइस में बेहतर तरीके से ओपन हो.
  • साईट को मोबाइल फ्रेंडली रखे क्योकि आज से समय में डेस्कटॉप  ट्रैफिक से ज्यादा मोबाइल ट्रैफिक आ रही है.

3- high quality content  प्रोवाइड करे

  • quality content के द्वारा हो आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट का reputation बना सकते है. जिससे साईट का यूजर बेस बनेगा, और साईट यूजर बेस के आधार पर ही वेबसाइट लॉन्ग टर्म के लिए सक्सेसफुल्ली रन करेगी. high quality content कैसे लिखे जानने के लिए मेरा आर्टिकल पढ़े.
  • हमेशा अपने यूजर को सही और सटीक इनफार्मेशन देने की ही कोशिश करे गलत और अधूरी जानकारी कभी ना दे. क्योकि गलत और अधूरी जानकारी देने पर विजिटर वापस नहीं आयेंगे.
  • विजिटर को quality content देने में समय लगेगा लेकिन जब एक बार विजिटर आप से जुड़ जायेगा तो वह आपकी साईट पर ज्यादा समय बिताएगा जिससे bounce rate कम हो जायेगा.
  • अपने content में प्रॉपर रूप से headings और subheadings का इस्तेमाल करे.इसमे प्रॉपर इमेजेज का भी यूज़ करे. ध्यान रखे की content में कोई कोई spelling, grammar से सम्बंधित कोई मिस्टेक ना हो.
  • high quality content का मतलब यह भी है की आप विजिटर को कभी भी धोखा ना दे, यानी की आर्टिकल के पोस्टर में और heading में आप कुछ बताये और अन्दर content कुछ और ही टॉपिक पर हो. यदि आप ऐसा करते है तो आप भूल कर कर भी ट्रैफिक के बारे में ना सोचे.

4- ब्लॉग या वेबसाइट का पेज लोड टाइम कम रखना

यदि आपके साईट का पेज लोड टाइम ज्यादा है अर्थात आपका साईट ओपन होने में या इसके अन्य पेज ओपन होने में ज्यादा समय लेता है तो विजिटर उस ब्लॉग के आर्टिकल को पढ़ने से पहले ही उसे बंद कर देगा जिससे bounce rate high हो जायेगा. SEO के लिए भी पेज लोड टाइम कम होना बेहतर माना जाता है.

  • PERFECT LOADING TIME- 1 Second or Less
  • ABOVE AVERAGE - 3 Second or Less
  • AVERAGE - 7 Second or Less
  • VERY POOR - More than 7 Second

यदि आप चाहते है की विजिटर आपकी ब्लॉग से खुश रहे तो आप को अपने blog का पेज लोडिंग टाइम perfect या above average रखना होगा.

5- internal link पर फोकस करे.

  • यदि आप अपने आर्टिकल के बीच-बीच में internal लिंक नहीं डालते है तो आपके blog का bounce rate बढ़ जायेगा.
  • इसीलिए नए आर्टिकल में पुराने आर्टिकल का लिंक हमेशा ऐड करे. जिससे विजिटर को अन्य रिलेटेड पोस्ट भी पढ़ने को मिल जाये. internal लिंक कौन सा डालना है यह आप पर निर्भर करता है.
  • यदि आपने अपने आर्टिकल में internal लिंक डाले है तो हमेंशा इस बात का ख्याल रखे की जैसे ही उस लिंक पर विजिटर क्लिक क्कारे तो वह लिंक एक नयी विंडो या टैब में ही ओपन हो. जिससे bounce rate काफी तेज़ी से कम होता है.
यही bounce rate kam karne ke top 5 aasan tarike है, जिनको आप अपना कर अपने ब्लॉग या वेबसाइट का bounce rate को काफी हद तक कम कर सकते है.
high quality content कैसे लिखे ?
free web hosting के फायदे और नुकसान
google keyword planner से keyword research कैसे करे?
google drive से high quality backlinks कैसे बनाये?
blog post के लिए keyword research कैसे करे?

Conclusion

मुझे उम्मीद है की आप आज का यह आर्टिकल bounce rate kya hota hai? और bounce rateko kaise kam kare? जरुर पसंद आया होगा यदि इस post से सम्बंधित कोई प्रश्न हो तो कमेंट box के जरिये जरुर पूछे. हमारी post के प्रति प्रसन्नता दर्शाने के लिए इसे अपने सोशल नेटवर्क Facebook, Google+, और Twitter पर इसे जरुर शेयर करे.
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