बुधवार, 21 जून 2017

oem kya hota hai? original equipment manufacturers

Leave a Comment

oem-kya-hota-hai-odm-kya-hota-hai-rebranded-product-kya-hota-hai
अक्सर आप लोग सोचते होंगे की किसी ब्रांडेड कंपनी का फ़ोन महंगा और लोकल कम्पनीज या chines phone इतने सस्ते क्यों होते है. तो यह oem aur odm के कारण होता है. और हम आप लोगो को बताएँगे की oem kya hota hai? original equipment manufacturers. odm kya hota hai? original design  manufacturers. Electronics की दुनिया में कैसे product बनाये जाते  है. original equipment manufacturers कौन होता है. original design manufacturers कौन होता है. कैसे आपको  rebranded और copy फ़ोन देखने को मिल जाते है.

oem kya hota hai?

दुनिया की कोई भी कंपनी जिस चीज़ का प्रोडक्शन करती है उसके सभी पार्ट को नहीं बनाती है. या दुसरे शब्दों में कहे तो कोई भी कंपनी अपने प्रोडक्ट के सभी चीजों को खुद नहीं बना सकती है.  उदहारण के लिए मान लीजिये की आपके पास एक dell का laptop है. तो आपको क्या लगता है की उस laptop के अन्दर लगे सभी पार्ट जैसे motherboard, ram, हार्डडिस्क, processor, सभी को dell company ने ही बनाया है.
या यह मान लीजिये की iPhone जो apple कंपनी का एक बेहतरीन फ़ोन है. उसे apple कंपनी ने अपने फैक्ट्री में बनाया है. कोई भी कंपनी अपने प्रोडक्ट के सभी पार्ट को नहीं बना सकती है. वह कुछ पार्ट को अन्य कम्पनीज से मंगाती है.
यहाँ पर आपको दो बातो का ध्यान रखना होता है. एक oem concept और दूसरा odm concept

oem concept-

oem का पूरा नाम original equipment manufacturers होता है मान लीजिये मुझे एक प्रोडक्ट बनाना है, जैसे कोई स्मार्ट फ़ोन, या कोई motherboard, या कोई भी चीज़. लेकिन मेरे पास ऐसी facilities नहीं है की मैं उन्हें अपने पास बना सकू. लेकिन मेरे पास complete idea है, एक complete concept है. मैं और मेरी पूरी टीम उस पर काम करती है. पूरी रिसर्च करती है. उसे अपने कंप्यूटर में पूरी तरह से design किया. लेकिन manufacture नहीं कर सकता. अब ऐसी स्थिति में मैं उसे किसी और company को देता हूँ की ताकि वह मेरे design का या मेरे specification पर एक प्रोडक्ट manufacture करके रेडी कर दे.
यह ठीक वैसे ही है जैसे आपको एक chair बनवानी है, और आप किसी कारपेंटर के पास गए और उसे यह बताया की यह chair कैसी दिखेगी, कितनी height की होगी. और कारपेंटर आपके बताये design पर आपको एक chair बना कर दे देता है.
oem में भी इसी प्रकार कोई कंपनी प्रोडक्ट को design करती है, और किसी अन्य कंपनी से अपने design पर प्रोडक्ट को तैयार कराती है. लेकिन उस प्रोडक्ट के सारे अधिकार जिस कंपनी ने design किया है उसके पास होता है. जैसे apple का oem foxcon है जो apple के दिए गए design पर उसके लिए प्रोडक्ट को तैयार करती है लेकिन उस प्रोडक्ट का सारे अधिकार apple के पास होता है.
oem में एक चीज़ यह भी है की मान लीजिये आपके कंप्यूटर में harddisk tosiba की लगी है. ram आपका dlink का है, और processor intel core i5 का है तो इन particular पार्ट के oem उनके कंपनी ही होंगे जो उन्हें बनाये है. अर्थात intel core i5 के लिए oem है.

odm concept

odm का पूना नाम original design  manufacturers होता हैodm में क्या होता है की आपके पास एक idea है, की आप एक ऐसा प्रोडक्ट बनाना है. लेकिन आप उसे design नहीं कर सकते है, और न ही उसे आप manufacture कर सकते है. क्योकि आपके पास इस प्रकार की कोई facilities नहीं उपलब्ध है. जैसे आपको एक फ़ोन manufacture करना है लेकिन सिर्फ एक idea है.
उस स्थिति में आपने क्या किया की आप एक कंपनी को कांटेक्ट किया की मुझे एक phone बनवाना है. और उस कंपनी को आप ने अपने सारे specification बता दिए. अब यहाँ पर odm जो है वो पूरा काम करते है और वही आपको design suggest करते है की इस स्पेसिफिकेशन पर इस design का ऐसे phone बना सकते है.
उसके बाद आप आर्डर दीजिये, logo दीजिये, जो box बोलिए और odm उस चीज़ में वह प्रोडक्ट तैयार करके आपको दे देगा. लेकिन यहाँ पर client company के पास ज्यादा control नहीं होता है, यहाँ पर उस फ़ोन में उस सारे ip उस odm के ही होते है. सारे पेटेंट भी उस odm के पास ही होते है.
laptop की दुनिया में दो odm quanta और compale है. ये दोनों कम्पनीज दुनिया के बड़े बड़े कम्पनी के लिए लिए laptop बनाती है. जैसे Dell को एक allienware बनवाना है, तो वह quanta से संपर्क करेगा और कहेगा की मेरे पास यह idea है और इस पर कैसे कोई allienware बन सकता है.  अब quanta dell के idea के हिसाब से एक system का design तैयार करेगा. और उसे manufacture कर के dell को डिलीवर कर देगा और dell उसको मार्किट में अपने नाम से बेचने का काम करेगा.
यहि कम्पलीट oem aur odm का concept है.

odm से हानि

odm से जहा तक हानि का सवाल है तो हानि तो पब्लिक का होता है. क्योकि इसमे कोई भी research एंड development का कोई कार्य नहीं होता है. पहले से ही बनी बनाई चीजों को बस अपने नाम का ठप्पा लगा के बेच दिया जाता है. और फायदा कंपनी का होता है.
research and development
जब कोई कंपनी किसी प्रोडक्ट को बनाने से पहले  research करने के बाद किसी कंपनी से उसे डेवेलोप कराती है तो इसे ही research and development या R&D कहा जाता है.

rebranded  or copy products क्या होता है?

odm में कोई भी research client साइड में नहीं किया जाता है. बस आप किसी odm के पास गए और उसे आपने बताया की आपको एक फ़ोन बनवाना है तो odm ने पहले से तैयार design और मॉडल को आप से दिखाया आपने जिस भी design पर उंगली रखी. odm आपके बताये logo और box में प्रोडक्ट को आपके पास डिलीवर कर देंगे.
यदि कोई दूसरी कंपनी भी जाती है और उसे भी वही फ़ोन पसंद आ गया तो odm उसी फ़ोन को फिर दूसरी कंपनी के logo और box में तैयार करके डिलीवर कर देंगे.  इस प्रकार के ही प्रोडक्ट को rebranded प्रोडक्ट या copy प्रोडक्ट कहते है. जो बाहर से से अलग दिखाते है लेकिन  अन्दर से सब एक जैसे होते है.

conclusion

मुझे उम्मीद है की आप logo को oem kya hota hai? odm kya hota hai? rebranded products or copy products kya hota hai. complete oem aur odm ka concept kya hai? आप लोगो को पूरी तरह से समझ में आ गया है. आज के इस भौतिक युग में अधिकतर companies पैसा बनाने के चक्कर में research and development को छोड़ कर rebranded या copy प्रोडक्ट को अपने नाम से मार्किट में उतारकर पैसा बना रही है.  
If You Enjoyed This, Take 5 Seconds To Share It

0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें