बुधवार, 5 जुलाई 2017

fusion energy kya hai? future's energy source (Hindi)

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दोस्तों आज मैं आप लोगो को बताऊंगा की fusion power kya hota hai ? future's energy source (Hindi) सभी  लोगो की एक जरुरी आवश्यकता है एक ऐसा पॉवर सोर्स  जिससे हमारा पर्यावरण भी प्रदूषित न हो और  हमें भरपूर पॉवर भी मिलता रहे.  अभी तक  जो भी पॉवर  सोर्स का इस्तेमाल करते आ रहे है उससे हमारे पर्यावरण को काफी नुक्सान हो रहा है.

fusion energy kya hota hai.

सामान्यत: हम लोग पॉवर सोर्स के लिये हमेशा से डीजल, पेट्रोल, आदि का इस्तेमाल करते आ रहे है. लेकिन यह हमेशा नहीं चलने वाला है. यह कभी न कभी ख़त्म हो जायेगा और इससे हमारा पर्यावरण भी प्रदूषित होता है.
यदि बात करे सोलर एनर्जी की या विंड एनर्जी की तो यह इतना efficient नहीं है.  और यदि बात करे नुक्लिएअर प्लांट की तो यह भी युरेनियम से ही पॉवर बनता है . यह युरेनियम भी कभी न कभी ख़त्म  हो ही जायेगा. इसके अतिरिक्त rediation का भी खतरा होता है.
तो हमें जरुरत है एक ऐसे पॉवर सोर्स की जो जिससे हम एक बेहतर एनर्जी को डेवेलोप कर पाए. लेकिन इसे हम करे कहा से. इस प्रकार के एनर्जी के लिए fusion power ही बेहतर हो सकता है.
इसका concept सूर्य के पॉवर पर आधारित है जिस प्रकार से सूर्य fusion के द्वारा हमेशा चमकता रहता है और हम लोगो को इतनी गर्मी देता रहता है.
यदि बात करे fusion power के शक्ति की तो जितना उर्जा हमें 50 लीटर फ्यूल से मिलती है उतनी उर्जा हमें fusion power के द्वारा सिर्फ एक गिलास पानी से मिल सकता है.

fusion power ka concept kya hai.

nuclear power plant में जिस concept का इस्तेमाल करते है fusion power ठीक उसके उल्टा concept पर कार्य करता है. दरअसल nuclear एनर्जी के लिए हम एक nuclear fission करते है जिसमे हम एक हैवी एटम को दो अलग अलग एटम में तोड़ते है. और फिर यह दो एटम को चार अलग अलग एटम में विभाजित करते है. और इसके परिणाम स्वरुप जो भी एनर्जी हमें प्राप्त होती है उसका हम उपयोग कर लेते है.
जबकि fusion energy  का concept में हम दो एटम को  जोड़ कर एक नया एटम बनाते है और इसके फल स्वरुप हमें जो पॉवर मिलता है वो बहुत ही कमाल का होता है. जैसे मान लीजिये दो हाईड्रोजेन मिलकर बनायेंगे एक हेलियम और जो एक्स्ट्रा मास है वो हमेंटी ज्यादा एनर्जी देगी. क्योकि आप सभी जानते है e=mc क्योकि इस रिएक्शन में मास भले ही छोटा हो C बड़ा है और c2 उससे भी बड़ा है. इसमें परमाणु विखंडन से चार गुना ऊर्जा उत्पन्न होती है।
इससे कोई ग्रीनहाउस गैस का उत्सर्जन नही होता है, नाही विखंडन परमाणु ऊर्जा जैसे रेडियो सक्रिय प्रदुषण होने की संभावना होती है. इसकी सबसे बड़ी बात की इसमे कोई भी wastage नहीं निकालता है इसीलिए इसे क्लीन एनर्जी भी कह सकते है. wastage नहीं होने के कारण इससे पर्यावरण को भी कोई खतरा नहीं है.

fusion energy ki samasya

fusion पॉवर की सबसे बड़ी समस्या है की इसको हम स्टार्ट कैसे करे. अर्थात इसमे जो रिएक्शन है जिसमे हम दो एटम को जोड़ कर एक नया एटम बनाते है. इस रिएक्शन को शुरू करना ही सबसे बढ़ा बाधा है. क्योकि इसको शुरू करने के लिए ही हमें बहुत ज्यादा उर्जा की जरुरत होगी. इसी कारण हम इसे बड़े स्केल पर शुरू नही कर पा रहे है.
अब जहा तक बात सूर्य की है तो वह इतना गर्म है और इसका साइज़ इतना बढ़ा है की उससके प्रेशर से ही अन्दर इतना गर्मी  पैदा होती है की यह रिएक्शन वहा पर प्राकृतिक रूप से शुरू होकर लगातार हो रही है.
चुकी छोटे मात्रा पर इस पर research किया गया है. जिसमे इनपुट एनर्जी बहुत ज्यादा लगी और आउटपुट एनर्जी  बहुत कम मिली.

Conclusion

fusion पॉवर के अलावा भी हम सोलर एनर्जी और विंड एनर्जी पर भी  काम हो रहे है. लेकिन यहा पर एक चीज़ है जिसे सिर्फ और बेहतर बनाना है. लेकिन जहा तक fusion power की बात है तो इसको ग्लोबली अभी तक कही शुरू नहीं किया जा सका है.
लेकिन इन सबके वावजूद सात देशो के सहयोग से फ़्रांस मे  ITER (International Thermonuclear Experimental Reactor) बनाया जा रहा है, इसके 2027 तक पुर्ण होने की आशा  है। और ऐसा उम्मीद है कि यह सबसे पहला व्यवसायिक fusion energy  संयत्र होगा।
मुझे उमीद है की यह पोस्ट आप लोगो को जरुर पसंद आया होगा. और अब आप अच्छी तरह से जान गए होंगे की fusion energy kya hai. जो भविष्य का एक बेहतर उर्जा का स्रोत है. इसे आप अपने मित्रो के साथ facebook, twitter पर जरुर शेयर करे.
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