शनिवार, 7 अक्तूबर 2017

Hindi Blog का SEO कैसे करें?

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दोस्तों आप लोग SEO search engine optimization के बारे में जानते ही होंगे, लेकिन क्या आप जानते है की हिंदी ब्लॉग का SEO कैसे किया जाता है. अब आप सोचते होंगे की यह कोई कठिन काम नहीं है, जैसे इंग्लिश ब्लॉग का seo किया जाता है वैसे ही हिंदी ब्लॉग का भी SEO किया जाता है. लेकिन नहीं हिंदी blog का SEO इंग्लिश ब्लॉग के SEO से अलग तरह से होता है. आज मैं अपने इस पोस्ट में आप लोगो को इसी के बारे में बताने वाला हूँ ही कैसे हिंदी ब्लॉग का SEO करें?

इंग्लिश ब्लॉग और हिंदी ब्लॉग के सर्च क्वेरी में अंतर.


search engine सर्च क्वेरी के द्वारा ही किसी भी आर्टिकल को रिजल्ट पेज पर शो करता है. इंग्लिश ब्लॉग में एक आर्टिकल के लिए सिर्फ एक ही सर्च क्वेरी होती है. लेकिन हिंदी ब्लॉग में ऐसा नहीं होता है. इसमे एक आर्टिकल के लिए बहुत से सर्च क्वेरी होते है.
जैसे - इंग्लिश ब्लॉग में यदि आप ने कोई एक आर्टिकल लिखा है की What is SEO? अक्सर english भी सर्च इंजन में इसी क्वेरी को टाइप करते है. और जिस ब्लॉग का onpage SEO और offpage SEO होनो बेहतर होता है और आर्टिकल बेहतरीन होता है. सर्च इंजन उसे टॉप रैंक पर शो कर देता है.
लेकिन यदि एक हिंदी विजिटर इसी टॉपिक को सर्च करेगा तो उसका सर्च क्वेरी
  • What is SEO in Hindi?
  • SEO kya hai?
  • SEO क्या है?
इन तीनो में से कोई भी हो सकता है.
लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है की कोई भी सर्च इंजन आपको सिर्फ एक ही क्वेरी के लिए रैंक करता है.  इसीलिए हिंदी ब्लॉग की समस्या यह है की उसे इन क्वेरी को ध्यान में रख कर ही आर्टिकल लिखने होते है.
चुकी इंग्लिश केवल एक ही क्वेरी होती है, जैसे What is SEO?  इसमे न  तो ब्लॉगर कंफ्यूज होते है और न ही यूजर, क्योकि इंग्लिश में यूजर SEO क्या है? को what is SEO लिख कर ही सर्च इंजन में सर्च करेगा. लेकिन जब वही यूजर इसे हिंदी मे सर्च करेगा तो उपर बताये गए तीनो आप्शन में से किसी को भी यूज़ कर सकता है.

Hindi Blog ka SEO kaise karen?

यदि आप हिंदी ब्लॉगर है तो आप का मुख्य टारगेट हिंदी भाषी देश ही होंगे या वे देश होते है जहा पर हिंदी को समझने वाले लोग है.  यदि आप निचे बताये गए पॉइंट को ध्यान से पढ़ ले तो आपके लिए हिंदी ब्लॉग के SEO करने में आसानी हो जाएगी.

Hindi Blog Post ka Title कैसे लिखे

आप जब भी कोई आर्टिकल लिखे तो जो आपका आर्टिकल  का विषय है, उससे सम्बंधित सर्च क्वेरी decide कर ले. और जब भी टाइटल लिखे तो तरह के सर्च क्वेरी का इस्तेमाल करें. जैसे यदि आप का आर्टिकल blogging पर है तो आप उसका टाइटल इस प्रकार से लिख सकते है.
इस प्रकार से टाइटल लिखने पर आपके ब्लॉग सर्च इंजन में हिंदी और इंग्लिश दोनों से रैंक करेगा और यूजर जिस क्वेरी को टाइप करेगा उसमे आपका ब्लॉग आ जायेगा.

URL कैसे लिखे?

अपने आर्टिकल का यूआरएल उसी लैंग्वेज में रखे जिस, लैंग्वेज को आपने टारगेट किया हुआ है. जैसे यदि आप आपने हिंदी और हिंगलिश को टारगेट किया हुआ है तो आप यूआरएल को भी इसी प्रकार सेट करे जैसे हिंदी और हिंगलिश के लिए - blogging kya hai? यदि आपने सिर्फ हिंदी लैंग्वेज को टारगेट किया है तो उसके लिए यूआरएल -  ब्लॉग्गिंग क्या है? और यदि अपने ब्लॉग को हिंदी और             इंग्लिश के लिए टारगेट किया है तो यूआरएल - What is blogging in Hindi रखे.किन एक बात का हमेशा ध्यान की यूआरएल जितना संभव हो छोटा रखे.

Meta Description

google अपने आप सर्च क्वेरी के हिसाब से पोस्ट का description change कर लेता है. लेकिन प्रत्येक पोस्ट के लिए एक अलग से meta description  जरुर ऐड कर देना चाहिए, या आप चाहे तो अपने पोस्ट का कोई पैराग्राफ भी Meta Description के लिए इस्तेमाल कर सकते है.
इसको भी आप अपने टारगेट लैंग्वेज के हिसाब हिंदी, इंग्लिश या हिंगलिश में लिख सकते है. Meta Description को कभी भी 150 कैरक्टर से  अधिक नहीं लिखना चाहिए.

Internal Link se backlink banaye

एक ब्लॉग का इंटरनल लिंक बहुत ही इम्पोर्टेन्ट होता है और इसके द्वारा आप backlinks भी पा सकते है. आप अपने ब्लॉग पोस्ट में एंकर टेक्स्ट का इस्तेमाल करके अपने ब्लॉग के अन्य पोस्ट इन्टरनल लिंक इसमे ऐड कर सकते है, और आप इससे backlinks भी पा सकते है.

Comment

हिंदी ब्लॉग के लिए कमेंट भी बहुत ही महत्पूर्ण स्थान रखता है. क्योकि इससे सर्च क्वेरी जूस मिलता है जिससे सर्च रैंकिंग बढती है. कोशिश यह करें की कमेंट भी अपने टार्गेटेड भाषा में ही दे. और ब्लॉग पर होने वाले प्रत्येक कमेंट का जवाब जरुर दें.
कमेंट का जवाब देने से विजिटर का इंटरेस्ट बढ़ता है. और वह आपके ब्लॉग का नियमित रीडर बन जाता है.

keyword reaserch

अक्सर देखा गया है की हिंदी ब्लॉग इंग्लिश कीवर्ड का इस्तेमाल करते है. जिससे उनका ब्लॉग इंग्लिश वर्ड के लिए रैंक हो जाता है. लेकिन मेरा मानना है की आप कीवर्ड की जगह सीर्च्ध क्वेरी को टारगेट करें और उन सर्च क्वेरी को ही अपने पोस्ट में inbuild कर दें.
लेकिन यदि आप ऐसा आर्टिकल लिख रहे है जिसे लोग पसंद कर रहे है, तो आपका ब्लॉग का आर्टिकल बिना कीवर्ड के भी सर्च इंजन में हाई रैंक पा जायेगा.

Mobile friendly ब्लॉग 

सबसे बड़ी बात यह की आपका ब्लॉग हिंदी हो या इंग्लिश उसे मोबाइल फ्रेंडली जरुर होना चाहिए. क्योकि आज का समय smartphone का है और लगभग हर किसी के पास स्मार्ट फ़ोन है और वह उसी में ज्यादातर सर्फिंग का काम करते है. और यदि आप का ब्लॉग मोबाइल फ्रेंडली नहीं है, तो वह किसी भी मोबाइल में अच्छी तरह से ओपन नहीं होगा जिससे  कोई भी विजिटर सिर्फ एक बार ही आपके ब्लॉग पर जायेगा और भी दुबारा नहीं जायेगा.
यदि आप इन सब बातो को ध्यान में रख कर अपने ब्लॉग का पोस्ट लिख रहे है तो आपका ब्लॉग एक दिन सर्च इंजन में अच्छी रैंक को जरुर प्राप्त करेगा, और उस पर सर्च इंजन से काफी ट्रैफिक आने लगेंगे. हम अपने पोस्ट को सोशल मीडिया पर चाहे जितना शेयर कर ले. वहा से बहुत ज्यादा ट्रैफिक नहीं मिलती है लेकिन यदि आपका ब्लॉग सर्च इंजन के टॉप पेज पर रैंक कर गया तो वहा से जो ट्रैफिक मिलेगी उसको आप सोच भी नहीं सकते है.
इसका मतलब यह नहीं की आप सर्च इंजन के लिए ही आर्टिकल लिखे. आप हमेशा अपने विजिटर को ध्यान में रख कर ही आर्टिकल लिखे और विजिटर  के लिए आर्टिकल लिखे ताकि उनको कुछ फायदा पहुचे.

Conclusion

अब आप समझ गए होंगे की english blog और एक Hindi blog के SEO में क्या अंतर होता है?, और Hindi blog का SEO कैसे किया जाता है?
मुझे उम्मीद है की आप लोगो को यह आर्टिकल Hindi Blog का SEO कैसे करें? जरुर पसंद आएगा. इसे आप अपने मित्रो के साथ सोशल मीडिया पर जरुर शेयर करें.

1 टिप्पणी:

  1. SEO के बारे में हिन्दी भाषा में अच्छा आर्टिकल लिखा है आपने, जो आगे भी नए ब्लॉगर्स के लिए बहुत लाभदायक होगा.

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