शुक्रवार, 6 अक्तूबर 2017

Tor Browser kya hota hai, aur iska istemal kaise karen?

Tor-Browser
दोस्तों आप सभी इन्टरनेट का इस्तेमाल तो जरुर ही करते होंगे और इन्टरनेट पर Tor Browser का नाम भी सुने होंगे. लेकिन क्या आप जानते है की Tor Browser kya hota hai? aur iska istemaal kaise kiya jata hai? यदि आप लोग जानते है तो बहुत ही अच्छी बात है लेकिन यदि नहीं जानते  है तो आप बिलकुल सही जगह पर है. आज हम आप लोगो को इसी के बारे में बताने वाले है.

Tor Browser क्या है?

Tor Browser को Paul Syverson, Michael G.Ree ओर Nick Mathewson तीनो ने मिलकर 1990 में United States Naval Research Laboratory में डेवेलोप किया था,
यह Tor Browser एक ब्राउज़र ही है, लेकिन यह यूजर को ऐसी सुविधा प्रदान करता है जिससे यूजर यदि चाहे तो डार्क वेब को भी सर्च कर सकता है, और इन्टरनेट की दुनिया में बिना अपनी पहचान बताये सर्चिंग और सर्फिंग कर सकता है.

Tor Browser काम कैसे करता है?

Tor Browser यूजर को सिक्यूरिटी देता है जिससे यूजर अपने पहचान को छिपा सके.  जिस प्रकार से VPN यूजर के डाटा को सुरक्षित तरीके से ले जाने और ले आने के लिए टनल का प्रयोग  करता है. ठीक यह भी यूजर के डाटा को सुरक्षित रखने के लिए टनल का इस्तेमाल करता है.
लेकिन VPN प्रत्येक यूजर के लिए एक ही टनल उपलब्ध करता है, और Tor Browser एक ही यूजर को कई टनल उपलब्ध करता है. जिसे यूजर का ip एड्रेस बार बार बदल जाता है. और उसे कोई ट्रेस नहीं कर पाता है.  Tor Browser के    द्वारा सर्फिंग करने पर सोर्स तो डेस्टिनेशन का पथ निश्चित नहीं होता है. यह प्रोसेस के द्वारा रैंडम रूप से किसी   पथ को सेलेक्ट कर लेता है.

Tor Browser को इस्तेमाल करते वक्त कुछ सावधानियां

1- इसको इस्तेमाल करते वक्त P2P ट्रैफिक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योकि इसे peer to peer file sharing के लिए नहीं बनाया गया है. और P2P ट्रैफिक इसे बहुत ज्यादा स्लो कर देती है.
2- cookies को हमेशा डिलीट कर देना चाहिए. इसको सेव रखने से सिक्यूरिटी रिस्क होता है.
3- इसके साथ कभी भी अपने रियल ईमेल आई डी का इस्टेमाल नहीं करना चाहिए, क्योकि इससे आपको आसानी से ट्रैक किया जा सकता है.
4- सबसे बड़ी सावधानी यह की इसके साथ कभी भी google का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योकि यह सर्चिंग के तरीके और ब्राउज़िंग हैबिट को सेव कर लेता है और इसे पहले से सेव डाटा से मैच भी करता है. जिसके वजह से यह आपके लोकेशन का पता कर लेगा.

Tor Browser की जरुरत क्यों और किसे होता है?

इसमे बहुत से ऐसे फीचर है जिसके वजह से लोग इसे बहुत ही पसंद करते है. जैसे security and privacy, data encription, secure communication, anonymous search आदि है.
मान लीजिये की आपको कोई सूचना  या मेसेज काफी सिक्योर रूप से भेजना हो तो आप यदि Tor Browser का इस्तेमाल करते है तो आपके भेजे गए सूचना को कोई बीच से चुरा नहीं पायेगा. इस ब्राउज़र को हैकर से बचने के लिए बनाया गया था. लेकिन आज  के समय में इसका इस्तेमाल हैकिंग के लिए हो रहा है. क्योकि हैकिंग जैसे एक्टिविटी में आई पी, और लोकेशन  को कोई ट्रैक नहीं कर पाए.

Tor Browser को कहा से डाउनलोड करे.

https://www.torproject.org/projects/torbrowser.html.en

Conclusion

इस पोस्ट को पढ़ कर अब आप अच्छी तरह से जान गए होंगे की Tor Browser क्या है? और किस प्रकार यह आपके आई पी और लोकेशन को बाकी  दुनिया  की नजर से बचाता है. यदि आप भी चाहते है की आपके लोकेशन को कोई ट्रैक न करें तो आप इसे एक बार जरुर इस्तेमाल करें. मुझे उम्मीद   है की आप लोगो को आज का यह  आर्टिकल Tor Browser kya hota hai, aur iska istemal kaise karen? जरुर पसंद आया होगा.  इसे आप अपने मित्रो के साथ सोशल मीडिया पर जरुर शेयर करें.

2 टिप्‍पणियां:

  1. maine is brower ka nam pheli bar suna hai or mai iske bare mai jyda kuch nhi janta but mai ek bar is browser ko try krke jaroor dekhuga

    kya aap mujhe bata skte hai ki browser me ads ko mai kaise disable kr skta hu mere browser me kafi sare ads pop up ho rhe hai jisse mera pc kafi slow ho gaya hai me chrome 59 version use kr rha u

    उत्तर देंहटाएं