शनिवार, 11 नवंबर 2017

EDUCATION, TECHNOLOGY और युवा पीढ़ी

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मेरा नाम Anusha है और यह मेरा इस ब्लॉग पर गेस्ट पोस्ट है. और मैं Getmyuni.com  की  Hindi Content writer हूँ और अपने  वेबसाइट के माध्यम से Education की  जानकारी हिंदी में देती हूँ.  
जो अंधकार को मिटाकर, रोशनी का मार्ग दिखाए,
जो खुदके पैरों पर खड़े रहकर, स्वालंबि बनना सीखाए,
वो हैं “शिक्षा”|

TECHNOLOGY का आजकल की EDUCATION में, साथ ही युवा पीढ़ी  में क्या असर है| 

शिक्षा सरस्वती माता का वो वरदान हैं, जो हर मनुष्य को सम्मान, खुशहाल पुर्वक जीवन देता है। शिक्षा बिना हर मनुष्य इस भागती हुई दुनिया में कुछ ना होने के बराबर है। 
शिक्षा सिर्फ किताबों पर  लिखे अक्षरों को पढ के हासिल नही होती। पढकर जो समाज आए, और जीवन मे जिसके वजह से कहीं कुछ उध्दार हो, वही सही शिक्षा होती है ।

 शिक्षा मनुष्य को समाज, ज्ञान, होशियारी, सभ्यता, अनुशासन, सही बुद्धिमत्ता जैसी कही सारी शक्तियां देती है। मनुष्य शिक्षा द्वारा समाज के आधारभूत नियमों के व्यवस्थाओं, समाज के मूल्यों को सिखता है।
मनुष्य समाज से तभी जुड़ पाता है, जब वह उस समाज विशेष के इतिहास से रूबरू होता हैशिक्षा मनुष्य की अंतर्निहित क्षमता और व्यक्तित्व को  विकसित करने वाली प्रक्रिया है। 
प्राचीन काल से शिक्षा का दान होते आ रहा है । “रामायन” के समय में “श्रीरामचंद्र” और उनके भाइयों कि शिक्षा गुरुकुल मे खुली हवा में पेड़ के निचे बैठ शास्त्रो को पढ कर होती थी । शास्त्रो कि शिक्षा मात्र ही  नहीं, बल्कि धनुर्विद्दा, घुड़सवारी, तलवारबाज़ी इद्यादी कि भी शिक्षा उस जमाने के राजा-महाराजाओ को प्राप्त थी, और उस समय के जरूरतों के हिसाब से शिक्षा दि जाती है ।

भारत के शिक्षा में यूरोप का महत्व 

अब समय कुछ बदल गया है।
16वीं तथा 17वीं शताब्दियों में यूरोप के कुछ देशों ने अपनी नौ-शक्ति के आधार पर दूसरे महाद्वीपों में आधिपत्य जमा लिया। उन्होंने वहाँ पर धर्म तथा व्यापार का प्रसार किया, उसी तरह हमारे देश भारत मे भी कब्ज़ा जमा लिया और बहुत सारे बदलाव ले आये ।
देखा जाये तो, हम अब अँग्रजों को कोसते हैं, की उन्होंने उन दौरान हमारे देश वासियों पर दुराचार किया, परंतु अगर आज़ भारत तकनीकी चीज़ों में आगे बड़ रहा हैं, तो इसका सही तरह से श्रेय अँग्रजों को जाता है, क्योँकि बीज तो उन्होने ही बोया था

Industrial Revolution और TECHNOLOGY  

18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध तथा 19वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में कुछ पश्चिमी देशों के तकनीकी, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक स्थिति में काफी बडा बदलाव आया| इसे ही औद्योगिक क्रान्ति (Industrial Revolution) के नाम से जाना जाता है।
औद्योगिक क्रान्ति (Industrial Revolution) क़े बाद से जगभर में काफी बदलाव आया है । यह सिलसिला ब्रिटेन से आरम्भ होकर पूरे विश्व में फैल गया, हमारे देश भारत में भी । इमारते, रस्ते, रेलवे इत्यादि इन सब के साथ-साथ शिक्षा में भी काफि कुछ बदलाव आया है ।
औद्योगिक क्रान्ति ने ही  TECHNOLOGY को जन्म दिया । देखा जाये तो आज 21वी सदी के इस Modern जमाने मे TECHNOLOGY ने बहुत विकास हासिल कर लिया है। देश के हर हिस्से मे आजकल TECHNOLOGY का उपयोग जोरो से हो रहा है ।

TECHNOLOGY और आज का समय 

खेती से लेकर, हर घरों मे आजकल सब Automatic चीज़ों का समय आ गया है । अ‍ब जब की देश मे TECHNOLOGY का प्रभाव इस कदर बड़ ही गया है, तो शिक्षा के इस प्लाटफार्म को कैसे छोड़ते भला हमारे तंत्रज्ञानी ।
सभी अभिभावक अपने बच्चों को सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ता तो देखना चाहते है, साथ मे अपना और देश नाम रोशन करे उनके बच्चे, बस यही उम्मीद आँखों मे लिए उनके अच्छी शिक्षा के लिए बहुत सोच-विचार करते हैं ।
आखिर देश का भविष्य आने वाले हर युवा पीढ़ी  के हाथों होता है। उन्हे अच्छी शिक्षा दिलवाने की जिम्मेदारी जितना माता-पिता की होती है, उतनी ही अच्छी शिक्षा देने कि जिम्मेदारी स्कूल और गुरु की होती है ।
औद्योगिक क्रान्ति के बाद से स्कूले तो बन गयी, लेकिन Modernization जो हर चीज में आयीं थी वो शिक्षा मे नही आयीं । समय चलते-चलते उसका भी आयोजन हमारे TECHNOLOGIST कर दिया ।
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E-learning and Education

ई-शिक्षा (E-learning)  का जन्म आखिर हो ही गया । यह कुछ ऐसा तकनीकी शास्त्र है, जो आजकल के 3G-4G क़े जमानें के बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि पैदा कर गया है ।
ई-शिक्षा स्वाभाविक तौर पर क्रियात्मक होते हैं, जों विध्यार्थी के व्यक्तिगत अनुभव, अभ्यास, और ज्ञान को ध्यान मे रख उनके ज्ञान को और भी प्रभावित करता है ।
ई-शिक्षा (E-learning) के अनुप्रयोगों और प्रक्रियाओं में वेब-आधारित शिक्षा, कंप्यूटर-आधारित शिक्षा, आभासी कक्षाएं और डिजीटल सहयोग शामिल है | आज अगर देखा जाए तो, बहुत से Universities/Colleges इन्हीं तकनीकीयो का आचरण करते है, और सही शिक्षा का उदाहरण बनते हैं ।

Apeejay Stya University (ASU)

इन्हीं में से एक है, Apeejay Stya University (ASU), गुड़गांव, हरियाणा| इस University का बस एक ही लक्ष्य है, की यहा पढ़ने वाले हर एक विद्यार्थी  को सैद्धांतिक (theoretical) और व्यावहारिक (practical) शिक्षा प्राप्त हो, जिससे  वो आगे जाकर देश का जिम्मेदार नागरिक और नेता बने । यह University, International Association of Universities (IAU), मे से एक जाना और पहचाना गया है ।
“कानून” (Law) हमारे भारतीय संविधान का मुल्य हिस्सा है । Law की शिक्षा को एक मात्र कानूनी
शिक्षा माना गया है । इसकी शिक्षा हर महाविद्दालयो मे दि जाती है । ई-शिक्षा (E-learning) के द्वारा Law जैसे बोरिंग विशय को कुछ इस तरह रोचक बना दिया है, कि हमारे भारतीय अदालतो मे कामयाब वकिल दिखायी पढते हैं ।
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Delhi University (DU)

हमारे भारत देश की राजधानी दिल्ली के महाविद्दालय Delhi University (DU) से भी ऐसे ही कामयाब वकिल निकलते हैं। DU LLB 2018 के दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा (entrance exam) देनी पड़ती है । ज्यादा जानकारी के लिए http://www.du.ac.in में जाकर देखें और भारत के संविधान को बढावा देनें वाली शिक्षा को प्राप्त करें ।

जय हिन्द !

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