Input device kya hota hai, aur yah kitne prakar ka hota hai?

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दोस्तों आप सब कंप्यूटर का इस्तेमाल तो करते ही होंगे,  लेकिन क्या आप जानते है की Input device kya hota hai, aur yah kitne prakar ka hota hai?
आप लोगो मे से बहुत से लोगो को यह पता नहीं होगा की आखिर यह input device क्या होता है. आज हम बात कर रहे है computer के उन external part की जिनके द्वारा computer यूजर से निर्देशों को ग्रहण करता है.
आज के इस दौर में लगभग सभी लोग computer, desktop, laptop, mobile , internet का इस्तेमाल करते है. लेकिन इनमे से  कुछ ऐसे लोग भी होंगे जिन्हें यह नहीं पता होगा की यह input device क्या है?
तो चलिये जानते है की इनपुट डिवाइस क्या है?

Input Device क्या है? input devices definition in Hindi

वे devices जिनके द्वारा किसी computer में user के निर्देशों को डाला जाता है. input device कहलाते है.
इनपुट device का मुख्य कार्य user और computer के बीच संपर्क की सुविधा देता हैऔर साथ ही उसे कंट्रोल करने की सुविधा भी देता है.


example of Input devices

  1. Keyboard
  2. Mouse
  3. Joystick
  4. Trackball
  5. Light pen
  6. Touch screen
  7. Web Camera / Digital Camera
  8. Scanner
  9. Bar Code Reader
  10. Microphone

Input Device के प्रकार

Keyboard

यह एक प्राइमरी input device है, यह देखने में कुछ टाइपराइटर के कीबोर्ड की तरह होता है, और computer के सारे लिखने वाला कार्य इसी के द्वारा संपन्न होता है.
इसमें लगभग 108 Keys होती हैं. Keyboard  में कई प्रकार की कुंजियाँ (Keys) होती है जैसे- अक्षर (Alphabet), नंबर (Number), चिन्ह (Symbol), फंक्शन की (Function Key), एर्रो की (Arrow Key) व कुछ विशेष प्रकार की Keys भी होती हैं.
keyboard दो प्रकार के होते है.

  1. Normal or wired keyboard
  2. Wireless keyboard

Normal or wired keyboard

यह keyboard भी दो प्रकार का होता है.
PS2 type- यह computer के पीछे PS2 पोर्ट से जोड़ा जाता है. लेकिन यह पोर्ट सिर्फ desktop computer में ही होता है. इस प्रकार के keyboard का इस्तेमाल लैपटॉप में नहीं किया जा सकता है.
USB keyboard - इस प्रकार के keyboard computer के USB port से जोड़े जाते है और और इस प्रकार के कंप्यूटर का इस्तेमाल लैपटॉप मे भी किया जा सकता है.

Wireless keyboard

इस प्रकार के keyboard को connect करने के लिए किसी वायर की जरुरत नहीं होती है, यह computer या laptop के साथ ब्लूटूथ या wifi की मदद से connect हो जाता है.
इस keyboard की यह खासियत होती है कि इसके द्वारा आप दूर से भी काम कर सकते है.
Keyboard के संरचना के आधार पर Keyboard  के keys को 6 भागो में बात सकते है.

  1. एल्फानुमेरिक कुंजियाँ (Alphanumeric Keys)
  2. न्यूमेरिक की-पैड (Numeric Keypad)
  3. फंक्शन की (Function Keys)
  4. विशिष्ट उददेशीय कुंजियाँ (Special Purpose Keys)
  5. मॉडिफायर कुंजियाँ (Modifier Keys)
  6. कर्सर कुंजियाँ (Curser Keys) या Movement Keys
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एल्फानुमेरिक कुंजियाँ (Alphanumeric Keys)

Alphanumeric Keys में Alphabets (A-Z), Number (0-9), Symbol (@, #, $, %, ^, *, &, +, !, = ), होते हैं.  सभी प्रकार की टाइपिंग इसी के द्वारा  की जाती है.

न्यूमेरिक की-पैड (Numeric Keypad)

न्यूमेरिक की-पैड (Numeric Keypad) में लगभग 17 कुंजियाँ होती हैं| जिनमे 0-9 तक के अंक, गणितीय ऑपरेटर (Mathematic operators) जैसे- +, -. *, / तथा Enter key होती हैं .

फंक्शन की (Function Keys)

keyboard के सबसे ऊपर संभवतः ये 12 Function Keys होती हैं| जो F1, F2……..F12 तक होती हैं. ये keys  निर्देशों को shortcut  के रूप में प्रयोग करने में सहायक होती हैं. इन Keys के कार्य software के अनुरूप बदलते रहते हैं.

Special Purpose Keys

Sleep, Power, Volume, Start, Shortcut, Esc, Tab, Insert, Home, End, Delete, इत्यादि. ये keys कुछ विशेष कार्यों को करने के लिये प्रयोग की जाती है.

Modifier Keys

SHIFT, ALT, CTRL को modifier keys कहते है, क्योकि  इनको अकेले  दबाने का कोई खास इस्तेमाल नहीं होता है, परन्तु जब अन्य किसी keys  के साथ इनका प्रयोग होता हैं तो ये उन keys के इनपुट को बदल देती हैं.

Cursor Keys या Movement Keys

ये चार प्रकार की Keys होती हैं UP, DOWN, LEFT तथा RIGHT.  इनका प्रयोग करके कर्सर को स्क्रीन पर मूव किया जाता है.


Mouse -

इस समय सबसे प्रचलित input device mouse ही है. यह एक pointing device है जिसके द्वारा windows के सभी version के menu को ओपन करने के साथ ही graphics या चित्र को बनाने में इस्तेमाल किया जाता है.
जबसे mouse का इस्तेमाल computer में शुरू हुआ computer को ऑपरेट करना काफी आसन हो गया है.
mouse 2 बटन और 3 बटन वाले होते है. और mouse को मूव करने पर computer का पॉइंटर या कर्सर मूव करता है. और बटन को दबाने पर signal computer को भेज देता है.

Work of Mouse

  • क्लिकिंग (Clicking)
  • डबल क्लिकिंग (Double Clicking)
  • दायाँ क्लिकिंग (Right Clicking)
  • ड्रैगिंग (Dragging)
  • स्क्रोलिंग (Scrolling)

Kind of Mouse (Mouse के प्रकार )

  1. Mechanical Mouse
  2. Optical Mouse
  3. wireless Mouse

Mechanical Mouse
इस mouse में मूवमेंट के लिए निचे की तरफ एक रबर ही गेंद होती है, और जब वह अन्दर घुमती है माउस के अंदर गेंद के घूमने से उसके अंदर के सेन्सर्स (Censors) कंप्यूटर को संकेत (Signal) देते है.

Optical Mouse
इसमें लेज़र किरणे mouse के  नीचे की सतह से उत्सर्जित होती है,  जिसके परिवर्तन के आधार पर यह ऑब्जेक्ट (Object) की दूरी, तथा गति तय करता है, और इसके आधार पर ही कर्सर का मूवमेंट  होता है.

wireless Mouse
यह सारे काम optical mouse को तरह ही करता है, इसमे यही अंतर है की यह computer से बिना किसी तार radio frequency के द्वारा कनेक्ट होता है, और कर्सर को कंट्रोल करता है.

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Scanner

Scanner भी एक input device है, इसके द्वारा किसी images या लिखे हुये टेक्स्ट यानि documents को सीधे ही computer में input कराया जाता है.  यह स्कैनर भी दो तरह के होते है.

  1. HandHeld Scanner 
  2. FlatBed Scanner.

Microphone

इसके द्वारा sound को digital format में बदल कर computer में store कर सकते है,या सीधे speaker के जरिये output कर सकते है. Microphone का इस्तेमाल video recording, audio recording में किया जाता है.

JoySticks

इसका अधिकांश इस्तेमाल video game खेलते समय किया जाता है.  इसके अलावा CAD design, में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. इसमे दो बाल लगे होते है, और इन बाल ऊपर एक छड़ी लगी होती है.
जैसे ही छड़ी को घुमाते है, तो उससे बाल घुमाता है, जिससे सेंसर बॉल्स के मूवमेंट के अनुसार signal computer को भेजता है. और इससे game में किसी कैरक्टर को कंट्रोल किया जाता है.

LightPen

यह देखने मे बिल्कुल किसी पेन की तरह होती है. यह भी mouse की तरह एक pointing device है. इसके computer स्क्रीन पर सिधे ही किसी चित्र को बनाया जा सकता है,या कोई टेक्स्ट  लिखा जा सकता है.


Touch Screen

आज के समय का यह बहुत ही प्रचलित input device है. इसे एक pointing device और keyboard दोनों की तरह इस्तेमाल कर सकते है.  इसका इस्तेमाल ATM ,smartphone, Tablet आदि में होता है. यह computer screen के साथ  जुडी होती है.
यदि किसी user को computer की कोई विशेष जानकारी नहीं है तब भी वह इसके इस्तेमाल से अपने कुछ सामान्य कार्यो को निपटा लेता है.
जैसे सभी यूजर को computer की जानकारी नहीं होती है, तब भी यूजर ATM से पैसे बहुत आसानी से निकाल लेते है.

Conclusion

आज की दुनिया बहुत तेज़ी से बदल रही है, और हर रोज एक नै technology आ रही है. भविष्य में input device की high tech होते जा रहे है. जैसे की laser keyboard आ गए है, जिसके द्वारा आप किसी समतल सर्फेस पर उसे प्रोजेक्ट कर के उसे एक keyboard की तरह से इस्तेमाल कर सकते है.
अब mouse भी ऐसे आ गये है जिन्हें हाथ में पहन  कर इस्तेमाल किया जा सकता है. और उंगली की मूवमेंट के कर्सर को कंट्रोल किया जा सकता है.
मुझे उम्मीद हैकि आप लोगो को आज का यह पोस्ट Input device kya hota hai, aur yah kitne prakar ka hota hai? जरुर पसंद आया होगा. अगर अभी भी कोइ सवाल हो तो आप कमेंट बॉक्स के जरिये हमसे पूछ सकते है. यदि आपने अभी तक हमारे blog को सब्सक्राइब नहीं किया है तो इसे जरुर subscribe करें.

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